कामयाबी:  हत्या का खृुलासा, मां के अवैध रिश्तों और संपत्ति के लालच की भेंट चढ़ गयी नाबालिग यश की ज़िंदगी

कामयाबी:  हत्या का खृुलासा, मां के अवैध रिश्तों और संपत्ति के लालच की भेंट चढ़ गयी नाबालिग यश की ज़िंदगी
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साल की आखिरी रात को मां के आशिक ने कर दी थी हत्या

हरिद्वार। अपनी गहन जांच पड़ताल के दम पर पुलिस आखिरकार थर्टी फर्स्ट की रात को हुई यश उर्फ कृष की हत्या का खुलासा करने में कामयाब हो ही गयी। इसके साथ ही  पुलिस ने हत्या के आरोप में उसके ही चचेरे भाई को गिरफ्तार भी कर लिया । हत्यारोपी की निशानदेही से पुलिस ने मृतक का आई फोन और खून से सनी टी शर्ट बरामद की है। पूछताछ के दौरान हत्यारोपी ने खुलासा किया कि चाची से अवैध सम्बंध में रोड़ा बनने तथा करोड़ों की सम्पत्ति को हथियाने के इरादे से यश की हत्या की। पुलिस ने हत्यारोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। हत्यारोपी को पुलिस न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने मायापुर चौकी में  हत्या का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि नये साल पर कनखल पुलिस ने बैंरागी कैम्प से सिर पत्थर से कुचला हुआ एक किशोर का शव मिला था। जिसकी पहचान यश उर्फ कृष पुत्र जितेन्द्र उम्र 17 साल, निवासी कनखल हरिद्वार के रूप में हुई थी। मृतक की मां कीे तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ थाना कनखल में मुकदमा दर्ज किया गया।


एसएसपी ने बताया पुलिस को जांच में पता चला कि नववर्ष की पूर्व संध्या पर मृतक अपनी मां के कहने पर अपने चचेरे भाई अमित कटारिया उर्फ खली के साथ कपड़े खरीदने के लिए शाम पांच बजे घर से निकाला था। लेकिन देर रात तक यश घर नहीं लौटा, तो देर रात करीब एक बजे अमित कटारिया मृतक की मां के मिस्सरपुर वाले घर पर पहुंचा। मृतक की मां ने अमित कटारिया से यश के घर नहीं पहुंचने के बारे में जानकारी मांगी। जिसपर उसने बोला कि शायद वह अपने दोस्तों के साथ चिलम फूंकने गया होगा। जब यश की मां ने अमित कटारिया के जूते पर लगे खून के धब्बे के बारे में पूछा तो उसने गुमराह किया कि पान की पिक है।
एसएसपी ने बताया कि नववर्ष की सुबह अमित कटारिया यश उर्फ कृष को खोजने का नाटक कर अपने एक परिचित छोटू के साथ निकल गया। उन्होंने ही यश उर्फ कृष के शव को खोजकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया। यश के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यश उर्फ कृष की मौत का खुलासा उसके गला घोटने के निशान और सिर पर चोट के निशान होने की पुष्टि हुई। जिसके बाद पुलिस टीम को मृतक के चचेरे भाई अमित कटारिया पर शक पैदा हो गया। पुलिस उसपर निगाह रखने लगी। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फूटेज के आधार पर अमित कटारिया को जगजीतपुर क्षेत्र से दबोच लिया। जिसकी निशानदेही से पुलिस ने मृतक का फोन और घटना वाले दिन पहनी खून से सनी टी शर्ट बरामद की।
एसएसपी के मुताबिक, मृतक के चचेरे भाई अमित कटारिया ने खुलासा किया कि उसके मृतक की मां से अवैध सम्बंध थे। जिनके रिश्तों के चर्चा मौहल्ले में होने लगे थे। जिस कारण चाची ने एक मकान मिस्सरपुर में पहले बनवाया हुआ था। इसलिए उन दोनों को मिलने में कोई दिक्कत नहीं होती थी। लेकिन यश उर्फ कृष अपनी मां को उससे मिलने के लिए मना करता था। जिसकी जानकारी मृतक की मां ने अमित कटारिया को दी थी। जिसके बाद उसने अपने अवैध सम्बंध में रोड़ा बने यश को अपने रास्ते हटाने तथा चाची की करोड़ों की सम्मत्ति हथियाने के इरादे से उसने योजना तैयार की।

एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल
एसएसपी ने बताया कि अमित कटारिया अपनी योजना के अनुसार 31 दिसम्बर को यश को कपड़े खरीदने के लिए घर से ले गया।  अपने परिचित राहुल और विशाल के साथ मिस्सपुर के आसपास चारों ने शराब पी। उसके बाद अमित कटारिया ने राहुल और विशाल को शाम करीब 7 बजे  वापस घर भेज दिया। उसके बाद यश को बैरागी के
पास ले जाकर अमित ने फिर शराब पिलाई और जब यश उर्फ कृष नशे में हो गया तो पहले रस्सी से गला दबाकर और फिर पर पत्थरों से वार कर हत्या कर दी।
उन्होंने बताया कि जिसके बाद अमित कटारिया ने शव और स्कूटी को बैरागी के पास ढलान में नीचे नदी की ओर लुडका दी, ताकि घटनाक्रम को एक्सीडेंट का रूप दिया जा सके। घर लौटकर वह रात भर सोया नहीं और रात्रि में एक बजे के आसपास वह मिस्सरपुर चला गया। हत्या करते वक्त उसके जूते व मौजों में खून के छीटें लग गए थे। पुलिस ने हत्योपी अमित कटारिया उर्फ खली पुत्र अशोक कटारिया निवासी रविदास बस्ती थाना कनखल हरिद्वार केे खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।  मेडिकल कराने व न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया है।

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