एम्स: गंभीर बांझपन के शिकार लोगों को जैविक माता पिता बनाने में सहायक है आईवीएफ: प्रो. मीनू सिंह

एम्स: गंभीर बांझपन के शिकार लोगों को जैविक माता पिता बनाने में सहायक है आईवीएफ: प्रो. मीनू सिंह
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ऋषिकेश(आरएनएस)।   एम्स में बांझपन के प्रति जागरूकता बढ़ाने, इसके कारण और रोकथाम के उद्देश्य से विश्व आईवीएफ दिवस मनाया गया। जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में इलाज की आधुनिक तकनीकों के उपयोग से अब बांझपन समस्या नहीं रहा और आईवीएफ तकनीक के माध्यम से इसका इलाज संभव है। शनिवार को एम्स ऋषिकेश में विश्व आईवीएफ दिवस पर आयोजित कार्यक्रम का संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में बांझपन को दूर करने हेतु आईवीएफ एक उन्नत तकनीक है और इसके परिणाम भी बहुत अच्छे हैं। उन्होंने निःसंतान दंपतियों के लिए इस सुविधा को लाभकारी बताया और कहा कि वैज्ञानिक क्रांति के चलते आईवीएफ तकनीक से संतान उत्पत्ति के बारे में उन दंपत्तियों को विशेष उम्मीद जगी है जो प्राकृतिक रूप से माता-पिता नहीं बन पाते हैं।

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