आवाज: अपनी मांगों को लेकर अपर मुख्य सचिव से मिला राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ का प्रतिनिधिमंडल
देहरादून। उत्तराखंड राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से मुलाकात की जिसमें महासंघ की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर वार्ता की गयी ।
प्रमुख रूप से सार्वजनिक निगमों/निकायों/उपक्रमों के कार्मिकों को राज्य कार्मिकों की भांति 4% महंगाई भत्ते की किस्त दिये जाने, राज्य स्वास्थ्य योजना के तहत गोल्डन कार्ड व्यवस्था निगमों/निकायों/उपक्रमों में लागू करने ,परिवहन निगम कार्मिकों के लिए मकान किराया भत्ता लागू करने, वन विकास निगम में 2019 में लगी ऑडिट आपत्ति को निगम द्वारा दिए कम्पलाइन्स के अनुसार समाप्त करने आदि मागें दोहराई गईं।
महासंघ द्वारा मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गत 5 नवंबर को हुई शासन और समन्वय समिति की संयुक्त बैठक का कार्यवृत्त दिखाते हुए बताया गया कि मुख्यमंत्री द्वारा सहमति व्यक्त की गयी थी कि राज्य कार्मिकों के साथ सार्वजनिक निगमों/निकायों/उपक्रमों के कार्मिकों के लिए शासनादेश एक साथ किये जांय। साथ ही परिवहन निगम कार्मिकों को मकान किराया भत्ता, वन विकास निगम में स्केलर/ वन उपज रक्षक के वेतन( ए सी पी ) पर ऑडिट आपत्तियों का निस्तारण शीघ्र किया जाय। महंगाई भत्ता राज्य कार्मिकों को दिया गया परंतु निगम कार्मिकों को छोड़ दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने शिकायत की कि एक माह का समय गुजर जाने के पश्चात भी कार्मिकों को कोई राहत नहीं मिल पाई है।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सार्वजनिक निगमों/निकायों/उपक्रमों के कार्मिकों की मांगों पर शासन गम्भीर है। उन्होंने भरोसा दिलाया गया कि जिन विषयों पर बैठक में सहमति बनी है, उन पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख रूप से सार्वजनिक निगमों/निकायों/उपक्रमों के कार्मिकों को राज्य कार्मिकों की भांति 4% महंगाई भत्ते की किस्त दिये जाने, राज्य स्वास्थ्य योजना के तहत गोल्डन कार्ड व्यवस्था निगमों/निकायों/उपक्रमों में लागू करने ,परिवहन निगम कार्मिकों के लिए मकान किराया भत्ता लागू करने, वन विकास निगम में 2019 में लगी ऑडिट आपत्ति को निगम द्वारा दिए कम्पलाइन्स के अनुसार समाप्त करने आदि मागें दोहराई गईं।
महासंघ द्वारा मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गत 5 नवंबर को हुई शासन और समन्वय समिति की संयुक्त बैठक का कार्यवृत्त दिखाते हुए बताया गया कि मुख्यमंत्री द्वारा सहमति व्यक्त की गयी थी कि राज्य कार्मिकों के साथ सार्वजनिक निगमों/निकायों/उपक्रमों के कार्मिकों के लिए शासनादेश एक साथ किये जांय। साथ ही परिवहन निगम कार्मिकों को मकान किराया भत्ता, वन विकास निगम में स्केलर/ वन उपज रक्षक के वेतन( ए सी पी ) पर ऑडिट आपत्तियों का निस्तारण शीघ्र किया जाय। महंगाई भत्ता राज्य कार्मिकों को दिया गया परंतु निगम कार्मिकों को छोड़ दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने शिकायत की कि एक माह का समय गुजर जाने के पश्चात भी कार्मिकों को कोई राहत नहीं मिल पाई है।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सार्वजनिक निगमों/निकायों/उपक्रमों के कार्मिकों की मांगों पर शासन गम्भीर है। उन्होंने भरोसा दिलाया गया कि जिन विषयों पर बैठक में सहमति बनी है, उन पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
महासंघ की ओर से प्रतिनिधिमंडल में दिनेश गोसाईं, बी एस रावत, दिनेश पंत व टी एस बिष्ट आदि कर्मचारी नेता शामिल थे ।

