आवाज़: जनहित से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर विधानसभा पर हुआ संयुक्त प्रदर्शन
ड्यूटी मजिस्ट्रेट के मार्फत मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन
देहरादून। उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद, सीपीएम,आयूपी, सीआईटीयू आदि के नेतृत्व में आज राज्य विधानसभा पर जोरदार प्रदर्शन कर वहां तैनात मजिस्ट्रेट के माध्यम से राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया।
ज्ञापन में मुख्य मांगें इस प्रकार हैं-
(1) छूटे हुए आन्दोलनकारियों का चिन्हीकरण किया जाए
(2) रेसकोर्स की जमीन खुर्दबुर्द करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही हो ।
(3) साम्प्रदायिक तत्वों द्वारा अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर रोक लगे ।
(4) रेहड़ी पटरी वालों के लिए वैन्डरजोन घोषित हो ।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि जल्द से जल्द छूटे हुए उत्तराखंड आन्दोलनकारियों को चिन्हित किया जाए व सभी को एक समान पेंशन कम से कम 15000 रुपए दी जाए। पेंशन पट्टा लागू किया जाए। वक्ताओं नै 10% क्षैतिज आरक्षण लागू करने की मांग की। उनका कहना था कि भूमाफियाओं द्वारा जगह जगह जमीनें कब्जाई जा रही हैं। इस पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा रेसकोर्स की भूमि को खुर्दबुर्द करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जाए तथा आरयूपी अध्यक्ष नवनीत गुंसाई फर दर्ज़ झूठे मुकदमे वापस लिये जांय । वक्ताओं ने कहा कि भाजपा के इशारे पर कुछ साम्प्रदायिक तत्व अल्पसंख्यकों के खिलाफ अनर्गल प्रचार चला रहे हैं जिसपर अविलम्ब रोक लगनी चाहिये। वक्ताओं ने फुटपाथ व्यवसायियों कै लिए वैन्डरजोन घोषित करने की मांग भी उठाई। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही उक्त मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापक आन्दोलन छेड़ा जाएगा । प्रदर्शन करने वालों में वरिष्ठ आंदोलनकारियों ने भारी संख्या में योगदान दिया। योगदान देने वालों में उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद के संरक्षक नवनीत गोसाईं,अध्यक्ष विपुल नौटियाल, सीपीएम सचिव अनन्त आकाश, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष लेखराज, जिला अध्यक्ष सुरेश कुमार , आंदोलनकारी विसंबर दत्त, प्रभात डंडरियाल , जबर सिंह पावेल , आयूपी के उपाध्यक्ष बालेश बवानिया, रामपाल, प्रवक्ता चिंतन सकलानी, मौहम्मद आजम खान, इकबाल, अमित पंवार,बबीता अनन्त ,विप्लव अनन्त ,धर्मानंद भट्ट, कांति छेत्री, सुशील विरमानी, श्रीमती सत्या पोखरियाल, नागेंद्र प्रसाद मंगाई, देवेश्वरी गोसाईं, माया छेत्री, जमुना देवी, बाला देवी मोगा, शीला नौटियाल, सरिता रावत, सुरेंद्र चौधरी, संजू बुटोला, रामदुलारी लोधी , इंदिरा देवी, यशोदा, जगमोहन रावत, देवेश्वरी गोसाईं, बलबीर आनंद, कुसुम नौडियाल जनवादी महिला समिति ,रामसिंह भण्डारी , शैलैन्द्र,सावित्री नेगी, शीला ज़खमोला ,श्याम रावत, पुष्पा रावत, सुशीला देवी, रामेश्वरी रावत, गौरा देवी रावत, ममता मोर्य , सुमित्रा देवी, राजेश्वरी देवी , बाला रानी, सीमा अंसारी , शांति रावत , लक्ष्मी पीतांबर , गीता देवी , विमला रावत , सतेश्वरी रावत , रेखा शर्मा, बिंदा मिश्रा , निर्मला देवी, निशा मस्ताना व सुभागा आदि बडी़ संख्या में लोग शामिल थे।

