आफ़त: छह घंटे बाधित रहा ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे, गंगा का जल स्तर चेतावनी निशान के पार
ऋषिकेश। भारी बारिश के चलते पर्वतीय मार्गों पर भूस्खलन का सिलसिला जारी है। सोमवार को भी ऋषिकेश-गंगोत्री, बदरीनाथ दोनों हाईवे पर मलबा गिरता रहा। बदरीनाथ हाईवे पर छह घंटे बाद यातायात सामान्य हो पाया। उधर, नीलकंठ एवं गुजराडा मोटर मार्ग पर भी मलबा गिरने से दिक्कत आई। सोमवार को भी बरसाती बीन नदी उफनाने से चीला-हरिद्वार वैकल्पिक मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद रही। बारिश के चलते ऋषिकेश-गंगोत्री और ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर मलबा गिरने का सिलसिला दिनभर चला। सोमवार को कौड़ियाला, व्यासी और शिवपुरी के पास भी मलबा गिरता रहा। जबकि, मूल्यागांव के पास चट्टान टूटकर हाईवे पर गिर गई। जिससे हाईवे का एक छोर धंस गया है।
हांलाकि, छह घंटे बाद बदरीनाथ हाईवे पर वाहन चलने शुरू हो गए, लेकिन इससे यातायात व्यवस्था गड़बड़ा गई। यही हाल गंगोत्री हाईवे का भी रहा। मार्ग पर प्लासडा और आगराखाल के समीप भूस्खलन होता रहा। मलबा आने से यहां करीब आधा घंटे तक दिन में मार्ग बाधित रहा। एनएच के सहायक अभियंता ललित मोहन बेंजवाल ने बताया कि बारिश के चलते कौड़ियाला समेत विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन हो रहा है। जेसीबी मशीन से लगातार बाधित मार्ग को खोला जा रहा है। सोमवार को मूल्यागांव के पास चट्टान टूटने से दिक्कत आई। शाम तक हाईवे पूरी तरह से खोल दिया गया है, लेकिन व्यासी एवं शिवपुरी के पास मलबा गिर रहा है।
बीन नदी के उफान से चीला-हरिद्वार मार्ग बंद रहा। बरसाती बीन नदी के उफनाने से चीला-हरिद्वार वैकल्पिक मार्ग बाधित हो गया है। बीन नदी बीते पांच दिनों से लगातार उफान पर हैं, जिससे गंगाभोगपुर के ग्रामीणों का फिर ऋषिकेश से संपर्क कट गया है। यहां बीन नदी पर बना मार्ग धंस गया है। जिससे वाहन नदी में फंसने का डर बना है। सुरक्षा के चलते यहां दोनों छोरों पर पुलिस तैनात की गई है। सोमवार सुबह 10 बजे अचानक बीन नदी उफान पर होने से दिक्कत आई। दोपहर बार बरसाती नदी का पानी कम होने से राहत मिली।
दूसरी ओर, पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश से गंगा फिर उफान पर है। सोमवार को गंगा चेतावनी निशान 339.50 मीटर को पार कर गई। जलस्तर बढ़ने से स्नान घाट जलमग्न हो गए। बीते दस दिनों में छठी बार गंगा ने चेतावनी और एक बार खतरे के निशान को पार किया है। उधर, बारिश के चलते बरसाती नदी-नाले भी दिनभर उफान पर रहे। सोमवार सुबह आठ बजे गगा का जलस्तर चेतावनी निशान 339.50 को पारकर 339.59 मीटर तक पहुंच गया। दोपहर दो बजे तक गंगा चेतावनी निशान को पार कर बहती रही। जलस्तर बढ़ने से ऋषिनगरी के तमाम घाट जलमग्न हो गए। शाम चार बजे बाद जलस्तर में कमी होने लगी और जलस्तर चेतावनी निशान 339.50 को छूकर बहता रहा। बीते दस दिनों में गंगा छठी बार चेतावनी निशान को पार कर चुकी है। जबकि, एक बार खतरे को निशान को पार किया है। ऋषिकेश में खतरे का निशान 340.50 मीटर पर है। उधर, बारिश के चलते बरसाती नदी-नाले भी उफान पर है। बरसाती नदी चंद्रभागा, खारास्रोत, बीन नदी सभी में उफान पर है। एसडीएम योगेश मेहरा का कहना है कि गंगा का जलस्तर लगातार घट बढ़ रहा है। बाढ़ चौकियां अलर्ट है।

