आक्रोश: पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों ने डीएम कार्यालय पर धरना  देकर लगाई गुहार

आक्रोश: पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों ने डीएम कार्यालय पर धरना  देकर लगाई गुहार
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नई टिहरी।  प्रतापनगर ब्लॉक के गरवाण गांव और खंबाखाल में बीते दो साल से पेयजल आपूर्ति लगातार बाधित होने से गुस्साये ग्रामीणों ने बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन-प्रशासन को कई बार समस्या से अवगत कराने के बावजूद निस्तारण नहीं किया गया है। दोनों गांव के ग्रामीण निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य रेखा असवाल के नेतृत्व में मंगलवार को डीएम कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठे हैं। मंगलवार से डीएम कार्यालय पर आयोजित धरने की अगुवाई कर रही रेखा असवाल ने बताया कि ग्राम पंचायत गरवाण गांव, खंबाखाल में पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं है। कहा कि यहां पर बनाई गई योजना में हंस फाउंडेशन की ओर से जमकर धांधली की गई है। जिस कारण यह दिक्कत आई है। बताया कि डांगी पेयजल योजना से ग्राम पंचायत गरवाण गांव, खंबाखाल, डांगी, घोडपुर आदि गांवों को पेयजल आपूर्ति की जाती है। लेकिन जल जीवन मिशन के कार्यों के बाद से दोनों गांव में लंबे समय से पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं है। बूंद-बूंद पानी को लोग भटक रहे हैं।


वहीं दूसरी ओर, देवप्रयाग ब्लॉक की भरपूर पट्टी के दस से अधिक गांवो में लगातार पेयजल संकट बने रहने से आक्रोशित ग्रामीणों ने यहां जल निगम व जल संस्थान का घेराव कर प्रदर्शन किया। आला अधिकारियों की ओर से संतोषजनक जबाब न मिलने पर ग्रामीणों ने आगामी 22 दिसम्बर को राजमार्ग पर चक्का जाम की घोषणा की है। मंगलवार को भरपूर पट्टी के कुर्न, चिलपड, सौड़, साकनी, सिंमसाड़ा तल्ला, डोबरी, पाली, तोली, बछेलीखाल आदि गांवों के सैकड़ो ग्रामीणों ने जल निगम जल संस्थान में जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने जल निगम ईई डॉ. बेलवाल, एई रवींद्र नेगी, जल सस्थान एई आयुषी वर्मा, जेई अमित रतूडी का यहां ग्रामीणों ने घेराव किया। ग्रामीणों का कहना है कि, इन गांवों में पिछले पांच सालों से पेयजल आपूर्ति नियमित नहीं है। जल जीवन मिशन के तहत 46 करोड़ की भरपूर पेयजल योजना पुनर्गठन योजना में जल निगम ने कई गांवों में आधी-अधूरी लाइन बिछाई हैं व कई जगह टैंकों का निर्माण नहीं किया है। वहीं क्षतिग्रस्त लाइनों की समय रहते मरम्मत नहीं की जाती है, जिसके चलते पेयजल संकट बना रहता है। ग्रामीणों ने जल निगम व जल संस्थान पर तालमेल से काम न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि, विभागीय लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। इस मौके पर ग्रामीणों की जल निगम अधिकारियों से नोक झोंक भी हुई। जलापूर्ति का स्थायी समाधान न होने का आश्वासन नही मिलने से आक्रोशित ग्रामीणों ने 22 दिसम्बर को राजमार्ग पर चक्का जाम की घोषणा भी की। प्रदर्शन में पूर्व क्षेत्र सदस्य जगदीश चंद्र आर्य, प्रधान पुष्पा रावत, शशि देवी, जगमोहन सिंह, जबर सिंह, घमण्ड सिंह, दरम्यान सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला, युवा, बुजुर्ग शामिल रहे।

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