आक्रोश: जोशीमठ के आंदोलनकारियों को माओवादी बताने से भड़की माकपा, सरकार का पुतला दहन कर जताया विरोध
देहरादून। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने हकहकूकों के लिए संघर्ष कर रही जोशीमठ की जनता के आन्दोलन को माओवादियों का आन्दोलन कहकर बदनाम करने की साजिश के खिलाफ आज राज्यभर में सरकार का पुतला दहन किया ।
राजधानी देहरादून में गांधी पार्क के समक्ष सरकार का पुतला दहन कर विरोध व्यक्त किया गया। इससे पूर्व पार्टी के कार्यकर्ता गांधी पार्क के पास जिला कार्यालय में एकत्रित हुए तथा जलूस की शक्ल में राजपुर रोड पहुंचे। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सरकार जोशीमठ की जनता की न्यायोचित मांगों को पूरा करने की बजाय आंदोलन को ही माओवादियों का आंदोलन कहकर बदनाम करना चाहती है। मुख्य मुद्दों से जनता का ध्यान हटाकर आंदोलन का दमन करना चाहती है। यही साजिश बीजेपी सरकार अन्य जन आंदोलनों के साथ पहले भी कर चुकी है ।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि मार्क्सवाद, लेनिनवाद तथा माओवाद ऐसे विचार हैं, जिन्होंने विश्व की मुक्तिकामी जनता को अपने हक-हकूकों के लिए लड़़ना सिखाया है। जोशीमठ की संघर्शशील जनता के संकट में भी कम्युनिस्ट पार्टियां साथ चलकर जनमुद्दों को लेकर संघर्ष कर रही हैं। परिणामस्वरूप आंदोलन को और अधिक शक्ति एवं दिशा मिल रही है, जो सरकार को रास नहीं आ रहा है। इसलिए सरकार यह साजिश कर रही है। वक्ताओं ने कहा है कि सरकार को इधर उधर की बात करने की बजाय जनता की न्यायोचित मांगों को पूरा करना चाहिए तथा राज्य में जितनी कोरपोरेटपरस्त योजनाएं हैं। उनकी समीक्षा कर अविलंब राज्य की जनता के हितों के अनुरूप करना चाहिए ।
इस अवसर पर राज्य सचिव राजेन्द्र सिंह नेगी, राज्य सचिवमंडल के सुरेंद्र सिंह सजवाण, गंगाधर नौटियाल, इन्दु नौडियाल, सीटू महामंत्री महेंद्र जखमोला, सीपीएम जिलासचिव राजेंद्र पुरोहित, देहरादून सचिव अनंत आकाश, जिला कमेटी सचिवमंडल के लेखराज, किशन गुनियाल, विजय भट्ट, किसान सभा उपाध्यक्ष सुधा देवली, अमर बहादुर शाही, अर्जुन रावत, महिला समिति महामंत्री दमयंती नेगी, उपाध्यक्ष कुसुम नौडियाल, बृंदा मिश्रा, कर्मचारी नेता एस एस नेगी, सीटू उपाध्यक्ष भगवन्त पयाल, कोषाध्यक्ष रविन्द्र नौडियाल, सुरेशी नेगी, सीमा नेगी, ममता मौर्य, अनिता, संगीता, अंजली पुरोहित, जानकी चौहान, चित्रकला, शीला, ज्योतिका, ज्योति, कमलेश खन्तवाल, मामचंद, कलम सिंह लिंगवाल व तारानाथ पाण्डेय आदि बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल थे ।

