दुर्दशा: छात्रसंख्या शून्य होने से विद्यालय भवन हुआ बदहाल, अब आपराधिक तत्वों का बना डेरा

दुर्दशा: छात्रसंख्या शून्य होने से विद्यालय भवन हुआ बदहाल, अब आपराधिक तत्वों का बना डेरा
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कोटद्वार।  विकासखंड दुगड्डा के गांव साझासैंण में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय छात्र संख्या शून्य होने के कारण बीते सात वर्षों से बंद पड़ा है। शिक्षा विभाग ने अब तक इसकी सुध नहीं ली है। वीरान और बदहाल पड़ा विद्यालय भवन आपराधिक तत्वों की शरण स्थली बन गया है। ग्राम पंचायत सिमलचौड़ के राजस्व ग्राम साझासैंण में बच्चों की प्राथमिक शिक्षा के लिए 1964 में राजकीय प्राथमिक विद्यालय की स्थापना की गई थी। ग्राम साझासैंण, नाथूपुर, बांसी, गजवाड़, जोग्याणा, गुनीधार, गोलीखेत आदि गांवों के बच्चे इस विद्यालय में पढ़ते थे। 1994 में विश्व बैंक की सहायता से नए भवन की स्थापना की गई। इसके बाद पुराना भवन जीर्णशीर्ण हालत में पहुंच गया। धीरे-धीरे कई अभिभावकों ने अपने बच्चों का गैर-सरकारी विद्यालयों में एडमिशन करा दिया। इससे विद्यालय बंद होने के कगार पर आ गया। दुगड्डा ब्लाॅक मुख्यालय से एक किलोमीटर के फासले पर साझासैंण गांव की सीमा पर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में वर्ष 2019 में छात्र संख्या शून्य हो गई। इसके बाद शिक्षा विभाग को विद्यालय बंद करना पड़ा। कुछ वर्ष पूर्व वीरान पड़े विद्यालय भवन के एक कक्ष का ताला तोड़कर चोरों ने उसमें डेरा डाल लिया था। इन चोरों ने गांव साझासैंण में दो घरों में चोरी की घटना को अंजाम दिया था। वहीं, वीरान पड़े प्राथमिक विद्यालय के चारों ओर लैंटाना झाड़ियां उगने और वन्यजीवों के छिपे होने से यहां से आवाजाही करने वालों के लिए खतरा बना रहता है। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी दुगड्डा वर्षा भारद्वाज ने बताया कि बंद पड़े विद्यालयों को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जा रहा है। साझासैंण विद्यालय का मामला संज्ञान में नहीं है। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। (प्रतीकात्मक फोटो)

 

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