कामयाबी: आखिरकार पकड़े गए कोटद्वार नगर निगम के बैंक खाते में सेंधमारी करने वाले
फर्जी चैक और फर्जी हस्ताक्षर से निकाल लिए थे 21.33 लाख रुपए
संवाददाता
कोटद्वार, 06 सितंबर। कोतवाली पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। कड़ी भागदौड़ और सुघड़ रणनीति के बूते पुलिस ने नगर निगम के बैंक खाते में सेंधमारी कर लाखों रुपए लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर तीन शातिर अपराधियों को धर दबोचा है। आरोपियों ने बैंक खाते से फर्जी चेक और फर्जी हस्ताक्षर से 21.33 लाख रुपये निकाल लिए थे। घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। स्थानीय पुलिस के लिए भी घटना का खुलासा कर अपराधियों को पकड़ने की चुनौती बन गई थी। लेकिन, पुलिस ने आखिरकार मामले का खुलासा कर ही दिया। पुलिस ने इस मामले में दिल्ली से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शनिवार शाम तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में पौड़ी जेल भेजा जा रहा है। आरोपी नगर निगम और ट्रस्टों के खातों की जानकारी जुटाकर फर्जी चेक तैयार कर खातों से नकदी निकालते थे। पुलिस आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
जानकारी के अनुसार, बीती दो अगस्त को नगर निगम के लेखा लिपिक पंकज रावत की तहरीर पर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। कई दिनों की जांच के बाद पुलिस ने दिल्ली से हरीश चंद्र प्रसाद उर्फ बंगाली निवासी ग्राम बहेड़ी, जिला दरभंगा बिहार, हाल निवासी खजुरी पूर्वी, दिल्ली को दबोच लिया। उससे पूछताछ के बाद नरेश कुमार उर्फ ज्ञानी निवासी ग्राम नसीरपुर, थाना सागरपुर, दिल्ली और राजकुमार उर्फ राजू निवासी करावलनगर, राम गार्डन, दिल्ली को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से धोखाधड़ी में प्रयुक्त सात मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईकार्ड, पेन कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपी हरीश के खाते में 5.75 लाख रुपये आए थे। पुलिस के मुताबिक, अन्य खातों और आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।

