छात्र नौकरी ढूंढने नहीं देने वाले बनेंः जनरल बिपिन रावत
गढ़वाल विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह आयोजित
संस्कृत में 5 को मिला गोल्ड मेडल
60 मेडलिस्ट में से 51 छात्राएं
श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल (केंद्रीय विश्वविद्यालय) का 9वां दीक्षांत समारोह बुधवार को सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में रक्षा प्रमुख (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। जबकि केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम के जरिए जुड़े। दीक्षांत समारोह में गढ़ गौरव लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी को डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित किया गया। इसके साथ-साथ गढ़वाल विवि के होनहार छात्र यतेंद्र मिश्रा को संस्कृत में 5 गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया।
आयोजित दीक्षांत समारोह में जनरल बिपिन रावत ने पीजी (पोस्ट ग्रेजुएशन) में होनहार 60 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल से नवाजा। खास बात ये रही कि इन 60 मेडलिस्ट में 51 छात्राएं शामिल रहीं। ये सभी मेडलिस्ट छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय से संबंधित 118 कॉलेज और विवि के तीनों परिसरों के टॉपर रहे हैं। इस दौरान बच्चों से मुखातिब होते हुए सीडीएस जनरल रावत ने कहा कि गढ़वाल विवि से पढ़े बच्चे नौकरी ढूंढने के बजाय, लोगों को नौकरी देने वाले बनें और देश से लेकर प्रदेश को बढ़ाने में अपना अमूल्य योगदान दें।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के चीन-नेपाल सीमा से सटे होने के कारण जिम्मेदारी बढ़ जाती है। विवि के कुछ कोर्स हैं, जिनकी सेना को जरूरत है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि गढ़वाल विवि एक दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराएगा। उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि देश पहले है, इसलिए देश की सेवा करने का जब भी मौका मिले, जरूर अपनी भागीदारी दें। वहीं, केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ये छात्र ही आगे मेकिंग इंडिया का संदेश देंगे।

