सरकार ने हिमालयी राज्य का किया अपमानः हरीश रावत
विधानसभा सत्र को लेकर पूर्व सीएम ने सरकार को घेरा
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर कांग्रेस और बीजेपी ने अपना प्लान तैयार कर लिए है, जिसे अब धरातल पर उतारा जा रहा है। इसी को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत ने कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान हरीश रावत ने उत्तराखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर भी निशाना साधा।
हरीश रावत ने कहा चुनाव में वे मंडुवा, गन्ना और शिल्पकार सभी को साथ लेकर चलेंगे। इसको लेकर वे एक अभियान चलाएंगे। चुनाव के दौरान सक्रिय रही महिलाओं को वे अपने कैंपेन में शामिल करेंगे। हरीश रावत ने कहा कि एक महीने के भीतर वे पूरे अभियान का प्लान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष को सौंप देंगे। हरीश रावत ने कहा कि कैंपेन में साथ चलने वालों को कंडाली घास की टोपी पहनकर जनता से संवाद करना होगा। उत्तराखंडियत की रक्षा करने को लिए होगी कंडाली टोपी। टोपी आजादी की लड़ाई का प्रतीक थी।
हरीश रावत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि इस सरकार ने उत्तराखंड व उत्तरखंडियत के खिलाफ काम किया है। उन्होंने भराड़ीसैण में सत्र आयोजित न करने पर सरकार के जवाब मांगा है। पहले सरकार ने भराड़ीसैण में शीतकालीन सत्र कराने की तिथि घोषित की थी, लेकिन फिर सरकार पीछे हट गई।हरीश रावत ने पूछा कि क्या ठंड लगने की वजह से भराड़ीसैण में विधानसभा का शीतकालीन सत्र नहीं हो रहा है? यदि ऐसा है तो सरकार ने हिमालयी राज्य का अपमान किया है। धामी सरकार गैरसैंण के अपमान के लिए जनता से माफी मांगे।

