भाजपा: भितरघात के आरोपों को लेकर तेज़ हुआ अंतर्कलह, एक और विधायक ने की शिकायत
उत्तरकाशी। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के नतीजों से से पहले ही भाजपा में भीतरघात के आरोपों को लेकर छिड़ा अंतर्कलह लगातार बढ़ता जा रहा है। पहाड़ से लेकर मैदान तक भितरघात का आरोप लगाने वाले विधायकों की पंक्ति में एक और विधायक का नाम जुड़ गया है। उत्तरकाशी जिले की यमुनोत्री सीट से भाजपा प्रत्याशी एवं विधायक केदार सिंह रावत ने जिला व प्रदेश स्तर के पांच पदाधिकारियों पर चुनाव के दौरान भितरघात का आरोप लगाया है। यद्यपि, अब तक उन्होंने पार्टी फोरम में इस बारे में शिकायत नहीं की है, लेकिन मीडिया के साथ अपनी पीड़ा को साझा किया है।
रावत का कहना है कि मतदान के बाद विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों से आई रिपोर्ट से पता चला है कि पार्टी के प्रदेश व जिला स्तर के पांच पदाधिकारियों ने निर्दलीय प्रत्याशी संजय डोभाल का साथ देकर भितरघात किया है। अगर पार्टी उनसे पूछेगी तो वह भितरघात करने वालों के नाम और उनकी भूमिका के बारे में बताएंगे।
रावत ने यह भी कहा कि इस बार यमुनोत्री में मुकाबला कड़ा है, लेकिन वह जीत को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं। उनका मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी से नहीं बल्कि निर्दलीय प्रत्याशी से है, जिसका साथ भितरघात करने वालों ने दिया है।
गौरतलब है कि इससे पहले लक्सर से विधायक एवं पार्टी प्रत्याशी संजय गुप्ता भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के विरुद्ध मोर्चा खोले हुए हैं। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पर उन्हें हराने के लिए काम करने का आरोप लगाया है। चम्पावत से प्रत्याशी एवं विधायक कैलाश गहतौड़ी और काशीपुर से विधायक हरभजन सिंह चीमा भी चुनाव के दौरान भितरघात के आरोप लगा चुके हैं। इससे प्रदेश भाजपा नेतृत्व असहज हुआ है। हालांकि इन प्रकरणों के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि आरोपों की सत्यता की पुष्टि होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके।

