बाल दिवस: डीएम निकिता खंडेलवाल ने बच्चों को खेल मैदान और मदर्स को दी फीडिंग रूम की सौगात
नई टिहरी। बाल दिवस के मौके पर नितिका खण्डेलवाल ने बच्चों को खेल मैदान व मदर्स को फीडिंग रूम की सौगात इन का उद्घाटन कर दी। जिला चिकित्सालय में मदर फीडिंग रूम तथा राप्रावि सेमलतप्पड़ कैमसारी में खेल पार्क की शुरूआत हुई। मदर फीडिंग रूम उद्घाटन के दौरान डीएम ने कहा कि मां का दूध बच्चे के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसके लिए मदर फीडिंग रूम का निर्माण कर एक नई पहल की गई है। बच्चों को समसय सबसे शुद्ध और सुरक्षित पोषण मिल सके तथा अस्पताल में मदर्स डॉक्टर, नर्स एवं अस्पताल में आने वाली महिलाएं बेझिझक अपने बच्चों को स्तनपान करा सकें, इसके लिए मदर फीडिंग रूम अहम होगा। डीडीए के माध्यम से बनाये गये मदर फीडिंग रूम में माताओं की जानकारी के लिए बच्चों के सम्पूर्ण आधार, स्वास्थ्य सुधार से संबंधित पोस्टर लगाये गये हैं तथा बच्चों के खेल एवं मनोरंजन को किट जोन बनाया गया है। बच्चों के डायपर चेंज की व्यवस्था, सीसी टीवी कैमरा, स्पीकर स्टैण्ड को लेकर भी दिशा-निर्देश दिये। राप्रावि सेमलतप्पड़ कैमसारी बौराड़ी में खेल पार्क के उद्घाटन के मौके पर डीएम ने बच्चों को खेल सामाग्री एवं चॉकलेट वितरित कर बाल दिवस की शुभकामनाएं दी। जिला विकास प्राधिकरण द्वारा पार्क को समतल कर सुरक्षा जाली एवं घास लगाई गई। इसके साथ ही डबल स्विंग, सी शॉ स्विंग, स्प्रिंग राइडर, मेरी गो राउंड, स्ट्रेट स्लाइड झूल लगाये गये हैं। इस मौके पर सीडीओ वरुणा अग्रवाल, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष नई टिहरी मोहन सिंह रावत, जिलाध्यक्ष भाजपा उदय सिंह रावत, सीएमओ श्याम विजय, एसीएमओ अमित राय, सहायक अभियंता डीडीए पंकज पाठक आदि मौजूद रहे।
प्रभावितों के हितों में लिए जाएंगे निर्णय
दूसरी ओर, डीएम नितिका खण्डेलवाल ने कोटी कालोनी-डोबरा चांठी पर्यटन रोड से प्रभावित काश्तकारों व उनके प्रतिनिधियों के साथ संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें डीएम ने पर्यटन रोड़ निर्माण, भू-अर्जन मुआवजा एवं रेट इश्यू के संबंध में काश्तकारों की बात को सुना। जिसके बाद प्रभावितों के हित में निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। डीएम ने कहा कि किसी भी परियोजना पर कार्य आपसी समझौते या भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अंतर्गत किया जाता है। उन्होंने अधिनियम के तहत भूमि अधिग्रहण एवं परिसंपत्तियों के क्षति मुआवजा, पुनर्वास एवं पुर्नस्थापन के तहत दी जाने वाली एकमुश्त धनराशि, कुटुंब की परिभाषा आदि अन्य जानकारी दी। इसके साथ ही एडीबी की निर्धारित पॉलिसी के तहत दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में भी बताया। काश्तकारों ने भवन क्षति का व्यवसायिक दर से मुआवजा देने, जाख में 50 बोटिंग लाइसेंस देने, जाख से कोटी कॉलोनी तक व्यू प्वाइंट पर स्थानीय लोगों को दुकानों के लिए जगह देने, होमस्टे को व्यवसायिक श्रेणी में रखने, कट ऑफ डेट बदलने की मांग की। इस मौके पर एडीएम अवधेश कुमार सिंह, ईई लोनिवि चंबा जगदीश खाती, डीटीडीओ एसएस राणा, बीना सेमवाल आदि मौजूद रहे।

