एम्स: आत्महत्या किसी भी परिस्थिति का विकल्प नहीं, जागरूकता कार्यक्रम में विशेषज्ञों की राय

एम्स: आत्महत्या किसी भी परिस्थिति का विकल्प नहीं, जागरूकता कार्यक्रम में विशेषज्ञों की राय
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ऋषिकेश।  एम्स ऋषिकेश ने विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। जिसमें एम्स चिकित्सकों ने छात्र छात्राओं को किसी भी परिस्थिति में आत्महत्या जैसी घटनाओं से बचने को प्रेरित किया। बुधवार को आवास विकास स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ एम्स कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्या प्रो. स्मृति अरोड़ा ने किया। उन्होंने प्रेरणादायी उद्बोधन में जीवन के मूल्य, मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल एवं आत्महत्या जैसी प्रवृत्तियों से दूर रहने का संदेश दिया। कहा कि आत्महत्या किसी भी समस्या का हल नहीं है, बल्कि यह परिवार और समाज के लिए गहरी पीड़ा का कारण बनती है। जीवन में असफलताएँ और चुनौतियां आती हैं, लेकिन उनसे भागना नहीं चाहिए। विद्यार्थियों को अपनी परेशानियाँ माता-पिता, मित्रों या शिक्षकों से साझा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर कठिनाई का समाधान संभव है, बस धैर्य और सकारात्मक सोच बनाए रखना जरूरी है। जीवन अमूल्य है और इसकी रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है। एम्स की टीम ने नाट्य मंचन प्रस्तुत कर छात्र छात्राओं को आत्महत्या जैसी घटनाओं से बचने को प्रेरित किया। विद्यालय परिवार की ओर से प्रो. स्मृति अरोड़ा को अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन एम्स की छात्रा शीतल ने किया। मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य उमाकांत पंत, वाइस प्रिंसिपल नागेन्द्र पोखरियाल, गृह परीक्षा प्रभारी रामगोपाल रतूड़ी, मीडिया प्रभारी नरेन्द्र खुराना, डॉ. जेवियर बेलसियाल, सचिन द्विवेदी, जीवी अन्नपूर्णा, मुकेश कुमार, संजना कमरा, हीना वार्ती, जगदीश कुमार, शुभम, हिमांशु शर्मा, जीबी विनायक, तमन्ना, सोनम चौधरी, शालिनी सिंह, वैषाली शर्मा, शिवानी थपलियाल आदि उपस्थित रहे।

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