आफ़त: क्षतिग्रस्त सड़क मार्ग की नहीं हुई मरम्मत, जोखिम भरे रास्तों से हो रही आवाजाही

आफ़त: क्षतिग्रस्त सड़क मार्ग की नहीं हुई मरम्मत, जोखिम भरे रास्तों से हो रही आवाजाही
Spread the love

 

उत्तरकाशी। आपदा के एक माह बाद भी आपदा प्रभावित कुपड़ा, कुनसाला एवं तिर्खली गांव के क्षतिग्रस्त सड़क मार्ग के हालात अभी भी नहीं सुधर पाए हैं। बीते एक महीने पूर्व सड़क मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से उक्त गांवों के ग्रामीणों को आवागमन के लिए 3 से 4 किलोमीटर की जोखिम भरी पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। बीती 28 जून की रात को क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि के कारण कुपड़ा, कुनसाला मोटर मार्ग पर स्यानाचट्टी के निकट स्थित मोटर पुल की एप्रोच पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी थी, जिस कारण यह मोटर मार्ग बीते एक महीने से बंद पड़ा है, यहां एक महीना बीत जाने पर भी सकड़ मार्ग को दुरुस्त नही किया गया है। इस मोटर मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के कुपड़ा, कुनसाला व त्रिखली गांव के ग्रामीणों का यातायात पूरी तरह प्रभावित है। मार्ग के बन्द होने से ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। कुपड़ा गांव के पूर्व प्रधान शैलेन्द्र सिंह राणा, प्रविंद्र सिंह राणा, भगत सिंह राणा व एलम सिंह का कहना है कि सड़क मार्ग के बन्द होने से यहां ग्रामीणों को मजबूरन उबड़ खाबड़ जोखिम भरे रास्तों से चलना पड़ रहा है, साथ ही यहां लोगों की करीब 10 गाड़ियां भी एक महीने फंसी हुई हैं, जिनमें ज्यादातर कमर्शियल वाहन हैं और इन वाहन मालिकों को भी नुकसान भुगतान पड़ रहा है। इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद होने से लोगों को करीब 4 किलोमीटर पैदल चलकर गांव से स्यानाचट्टी या फिर ओजरी डबरकोट तक पहुंचना पड़ रहा है। क्षेत्र के गांव के स्कूली छात्रों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। यहां से छात्रों को स्यानाचट्टी और रानाचट्टी पढ़ाई करने जाना पड़ता है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने शीघ्र मोटर मार्ग को दुरुस्त करने की मांग की है।

Parvatanchal