भू-स्खलन: 24 घंटे से अधिक समय से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, परिजनों ने लगाई गुहार
उत्तरकाशी। यमुनोत्री पैदल मार्ग पर नौ कैंची बैंड के समीप हुए भूस्खलन हादसे के बाद से लापता लोगों की तलाश में घटनास्थल पर रेस्क्यू पिछले 24 घंटे से भी अधिक समय से जारी है। जानकीचट्टी में लापता श्रद्धालुओं के परिजन यमुनोत्री विधायक से मिले और घटनास्थल पर जाने की गुहार लगाई। पुलिस-प्रशासन की ओर से रोके गए परिजनों को विधायक के हस्तक्षेप के बाद घटनास्थल तक जाने दिया गया। विधायक ने परिजनों को ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन पूरी गंभीरता से रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा है। सोमवार शाम को चार बजे हादसा होने के बाद रेस्क्यू अभियान में तेजी लाई गई थी, जो कि रात दस बजे तक जारी रहा। इसके बाद फिर मंगलवार सुबह छह बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्यों में लगातार जुटी हैं। इस बीच सुबह डीएम प्रशांत कुमार भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की। उन्होंने राहत कार्यों में हाथ बंटाया। रेस्क्यू टीमें पिछले 24 घंटे से अधिक समय से मौके पर लापता की खोज में मलबा हटाने में लगी रही। इस बीच सुबह यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल, एसपी सरिता डोबाल और सीओ जनक सिंह पंवार सहित कई अधिकारी मौके पर रेस्क्यू कार्य की निगरानी को पहुंचे। सोमवार को यमुनोत्री पैदल मार्ग पर नौकैंची के पास भूस्खलन से कई श्रद्धालु मलबे में दब गए थे। अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें एक 12 वर्षीय किशोरी शामिल है। एक घायल को उपचार के लिए भेजा गया। दो अभी लापता बताए जा रहे हैं। डीएम प्रशांत कुमार ने बताया कि मार्ग पर रेस्क्यू रात तक पूरा हो सकता है। इस स्थिति में फिलहाल यमुनोत्री की यात्रा को रोका गया है। मंगलवार को किसी भी यात्री को पैदल मार्ग पर नहीं जाने दिया गया। जानकीचट्टी समेत कई सुरक्षित स्थानों को यात्रियों को ठहराया गया है।
यमुनोत्री धाम के पैदल रूट पर सोमवार को हुए भूस्खलन हादसे के बाद से पुलिस-प्रशसन की ओर से एहतियातन यात्रा पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। यात्रा रूट पर बड़कोट और आस-पास के क्षेत्रों में जगह-जगह तीर्थ यात्री फंसे हुए है। इसी के बीच प्रशासन की ओर से यात्रा को दोबारा शुरू करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से वैकल्पिक रूट भी तैयार किया जा रहा है ताकि यात्रा दोबारा जल्द से जल्द शुरू हो सके।

