ख़ास ख़बर: उत्तराखंड की पहली योग नीति को मंजूरी, पढ़िए, क्या हैं बुधवार को हुई धामी कैबिनेट की बैठक पारित ख़ास प्रस्ताव..

ख़ास ख़बर: उत्तराखंड की पहली योग नीति को मंजूरी, पढ़िए, क्या हैं बुधवार को हुई धामी कैबिनेट की बैठक पारित ख़ास प्रस्ताव..
Spread the love

 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में 11 प्रस्तावों पर मंजूरी की मुहर लगाई गई। उत्तराखंड की पहली योग नीति के प्रस्ताव को कैबिनेट बैठक में पारित किया गया है। कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग को 75 करोड़ रुपए लोन देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। प्रिक्योरमेंट नियमावली में संशोधन का भी निर्णय लिया गया है। अब प्रदेश में 10 करोड़ रुपए रुपए तक के विभागीय कार्यों को स्थानीय ठेकेदारों के माध्यम से कराया जाएगा। कैबिनेट बैठक में ये निर्णय भी लिए गए हैं-

1- उत्तराखंड मेगा एवं इंडस्ट्रियल नीति 2025 को मिली मंजूरी। अगले पांच सालों के लिए बनाई गई नीति। उद्योगों को चार श्रेणियों में बांटा गया है। उद्योग लगाने के लिहाज से प्रदेश को चार कैटेगरी में बांटा गया है।
2- उत्तराखंड विष कब्जा और विक्रय नियमावली में किया गया संशोधन। इस नियमावली में मिथाइल अल्कोहल को भी किया गया शामिल।
3- राजकीय विभाग अधीनस्थ लेखा संवर्ग राजपत्रित नियमावली 2019 में किया गया संशोधन।
राज्य बाढ़ सुरक्षा का वार्षिक प्रतिवेदन को सदन में रखने पर मिली मंजूरी।
4- उत्तराखंड निबंध लिपिकवर्गीय कर्मचारी सेवा नियमावली 2025 बनाए जाने को मंत्रिमंडल दी मंजूरी। उत्तराखंड निबंध लिपिकवर्गीय कर्मचारी सेवा नियमावली 1978 की जगह बनेगी नई नियमावली।
5- उत्तराखंड सेवा क्षेत्र नीति 2024 में किया गया संशोधन।
6- उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड के ढांचे के किया गया संशोधन।
7- योगा नीति 2025 को मिली मंजूरी। पांच नए योग हब स्थापित किए गए जाएंगे।
धामी कैबिनेट ने अटल आयुष्मान योजना को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। राज्य की धामी सरकार ने स्वास्थ्य योजना के तहत अस्पतालों को होने वाले भुगतान में विभाग को आ रही दिक्कत को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को 75 करोड़ रुपए बतौर लोन देने को मंजूरी दी है। इसके जरिये अस्पतालों को भुगतान किया जा सकेगा। इसके साथ ही देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों के लिए रहने खाने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी। साथ ही सीएसआर फंड के जरिए निर्माण करवाया जाएगा।

Parvatanchal