ख़ास ख़बर: यूसीसी कानून के खिलाफ़ सड़कों पर उतरी कांग्रेस, विधानसभा का किया घेराव

ख़ास ख़बर: यूसीसी कानून के खिलाफ़ सड़कों पर उतरी कांग्रेस, विधानसभा का किया घेराव
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देहरादून। यूसीसी कानून को वापस लेने की मांग को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा एवं महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती ज्योति रौतेला के संयुक्त के नेतृत्व में हाथों में तख्तियां लेकर राज्य सरकार द्वारा लागू यूसीसी में लिव-इन-रिलेशन का प्रावधान किये जाने एवं राज्य में बिजली के प्रीपेड मीटर लगाये जाने के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधानसभा भवन की ओर कूच किया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा कार्यकर्ताओं के साथ रिस्पना पुल समीप लगे बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। इस दौरान उनकी पुलिस से तीखी नोक-झोंक हुई।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि यूसीसी में लिव इन रिलेशन शिप का प्रावधान देवभूमि उत्तराखण्ड की संस्कृति के खिलाफ है। इसमें जिस प्रकार की धारायें हैं, कांग्रेस पार्टी उसका विरोध करती है। उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा सरकार राज्य में पलायन रोकने में असफल रही है वहीं, राज्य सरकार ने यूसीसी के माध्यम से बाहरी लोगों को एक साल के रहवास पर उत्तराखण्ड राज्य का निवासी बनाने का षड़यंत्र किया जा रहा है तथा समाज में व्यभिचार की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंनेे कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पूर्व में भी यूसीसी के अनुच्छेद 44 पर सवाल उठाये थे परन्तु भाजपा के किसी भी नेता और प्रवक्ता ने न तो अनुच्छेद 44 और न ही लिव इन रिलेशनशिप विशेषकर उसके भाग तीन पर कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सनातन धर्म की रक्षक पार्टी होने का दावा तो करती है परन्तु उसका आचरण सनातन धर्म की मर्यादाओं के खिलाफ है।
माहरा ने कहा कि प्रदेशभर में दो माह तक आंदोलन चलाकर आम लोगों से लिव-इन के प्रावधानों पर राय मांगी जाएगी। इसके लिए एक फार्म का प्रारूप तैयार किया है। इसे एकत्र कर ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा जाएगा। साथ ही ऑनलाइन के माध्यम से लोग अपनी राय साझा कर सकेंगे। माहरा ने कहा कि यूसीसी के माध्यम से बाहरी लोगों को एक साल के लिव-इन पर राज्य का निवासी बनाने का षड्यंत्र है।


करन माहरा ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा केवल अपने सहयोगी व्यावसायियों को फायदा पहुंचाने के लिए पूरे प्रदेश में जनता पर जबरन बिजली के प्रीपेड मीटर थोपे जा रहे हैं जबकि कुछ ही समय पूर्व पूरे प्रदेश में लगाये गये इलेक्ट्रॉनिक मीटरों से आने वाले भारी भरकम बिजली के बिलों से राज्य की जनता पहले ही परेशान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रीपेड मीटर लगाये जाने का पुरजोर विरोध करती है तथा मांग करती है कि प्रीपेड मीटर लगाये जाने की योजना पर तुरंत रोक लगाई जाय।
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि यूसीसी केन्द्र का मामला होेने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी की धामी सरकार जनता को गुमराह कर रही है तथा यूसीसी में लिव-इन-रिलेशन जैसे नियमों का प्रावधान कर राज्य की संस्कृति को नष्टभ्रष्ट करना चाहती है। उन्होंने कहा कि बेटी-बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली भाजपा सरकार में सबसे अधिक त्रस्त प्रदेश की महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि लिव-इन-रिलेशन प्रावधान के कारण बेटियों का जीवन पूरी तरह असुरक्षित हो गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक इस प्रावधान का विरोध करती है तथा मांग करती है कि राज्य सरकार राज्य में लागू यूसीसी पर तुरंत रोक लगाये।
वहीं इस मुद्दे पर वरिष्ठ अधिवक्ता विरेंद्र सिंह खुराना ने कहा कि यूसीसी उत्तराखंड की प्राथमिकता नहीं है। यह कानून बुनियादी सवालों से मुंह फेरने की कोशिश है। प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने कहा कि यूसीसी से भाजपा सरकार लोगों को अनावश्यक प्रक्रिया में उलझाकर बुनियादी सवालों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की ओछी राजनीति कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

प्रदर्शन में पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट व शूरवीर सजवाण, प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप, मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि, महामंत्री राजेन्द्र शाह, नवीन जोशी, ललित फर्स्वाण, राजपाल बिष्ट, जयेन्द्र रमोला, विरेन्द्र पोखरियाल, याकूब सिद्धिकी, गोदावरी थापली, पूरन रावत, विधायक रवि बहादुर, पूर्व विधायक राजकुमार, प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट, सुजाता पॉल, डॉ प्रतिमा सिंह, गिरिराज हिंदवान, गरिमा दसौनी, मानवेन्द्र सिंह, महानगर अध्यक्ष डॉ जसविन्दर सिंह गोगी, मोहित उनियाल, अमन गर्ग, राजेन्द्र चौधरी, राजीव चौधरी, मनीष राणा, दिनेश चौहान, भगत सिंह डसीला, मुकेश नेगी, राहुल छिमवाल, उत्तम असवाल, विनोद नेगी, विनोद डबराल, कुंवर सजवाण, राकेश राणा, मुशर्रफ हुसैन, राकेश नेगी, हिमांशु गाबा, दर्शन लाल, लालचन्द शर्मा, सोनिया आनन्द, संदीप चमोली, गिरीश पपनै, नवनीत सती, शीशपाल सिंह बिष्ट, अमरजीत सिंह, महेन्द्र सिंह नेगी, हेमा पुरोहित, मनीष नागपाल, आशीष नौटियाल, मोहन काला, पुष्पा पंवार, चन्द्रकला नेगी, उर्मिला थापा, अनुराधा तिवारी, संजय कद्दू, धनीलाल शाह, नवतेज पाल सिंह, अभिनव थापर, नजमा खान, आशा शर्मा, उर्मिला थापा, निधि नेगी, पूनम भगत, जगदीश धीमान, विशाल मौर्य, डॉ प्रदीप जोशी, आनन्द बहुगुणा, सुलेमान अली, नवीन रमोला, विरेन्द्र पंवार, अर्जुन पासी, रॉबिन त्यागी, अनूप कपूर, सावित्री थापा, मंजू, अनुराग मित्तल, नरेन्द्र सौंठियाल, आशि रावत, विकास नेगी, मीना शर्मा, आशा रावत, मुन्नी देवी व सागर मनवाल समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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