समस्या: चकराता में पार्किंग स्थल पर टैक्सी चालकों का कब्ज़ा, पर्यटकों को हो रही दिक्कत
विकासनगर। चकराता बस स्टैंड पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए बनाई गई पार्किंग पर टैक्सी चालकों के कब्जा करने से पर्यटकों को वाहन खड़ा करने को जगह नहीं मिल पा रही है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से टैक्सियों को उनके निर्धारित स्थान पर पार्क कराने की मांग की है। बीते साल कैंट प्रशासन ने सेना और स्थानीय लोगों की सहमति से बस स्टैंड का सौंदर्यीकरण किया गया था, जिसमें टैक्सी वाहनों के लिए अलग से लगभग नौ लाख की लागत से टैक्सी स्टैंड बनाया गया। इसके साथ ही बस स्टैंड की दुकानों के सामने अस्थाई पार्किंग बनाई, जिसमें दुकान से सामान खरीदने वालों, यहां से गुजरने वाले पर्यटकों व अन्य लोगों के वाहन खड़े करने के लिए आधा घंटे की समय सीमा तय की गई थी। कुछ दिन तक तो यह व्यवस्था सुचारु रूप से चली, लेकिन बाद में टैक्सी चालकों ने वहां अपने वाहन पार्क करने शुरू कर दिए। जिससे एक बार फिर पार्किंग व्यवस्था बिगड़ गई। स्थानीय व्यापारी और निवासी राजकुमार मेहता, मनीष, महेश शर्मा, दिगम्बर चौहान, रवीश अरोड़ा, संदीप रावत आदि का कहना है कि सैन्य अधिकारियों और प्रशासन ने बस स्टैंड पर जाम की समस्या को देखते हुए यह व्यवस्था की थी, लेकिन टैक्सी चालक पार्किंग को लेकर अपनी मनमानी करते हैं। बाजार में प्राइवेट वाहनों के लिए बनाई गई पार्किंग में भी टैक्सी वाले अपने वाहन खड़े कर देते हैं और कई-कई दिनों तक उन्हें नहीं हटाते हैं। उन्होंने मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। सीईओ कैंट बोर्ड आरएन मंडल ने कहा की रिजर्व पार्किंग में टैक्सी लगना अनुचित है। इस मामले में कार्यवाही की जाएगी। थानाध्यक्ष चकराता चंद्रशेखर ने कहा कि इस मामले में टैक्सी चालकों से वार्ता कर उनके वाहन निर्धारित स्थान पर पार्क करवाए जाएंगे। छावनी परिषद के मनोनीत सदस्य अनिल चांदना ने कहा कि सिर्फ कुछ देर के लिए रुकने वाले वाहनों के लिए व्यपारियों ने पार्किंग बनाने पर सहमति दी थी। लेकिन इस प्रकार से टैक्सी वाहन खड़े होने से व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इस संबंध में कैंट व पुलिस के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।

