जयहिंद: उत्तराखंड के एक और सपूत चन्द्र मोहन सिंह शहीद, भारत-चीन सीमा पर प्राप्त की वीरगति

जयहिंद: उत्तराखंड के एक और सपूत चन्द्र मोहन सिंह शहीद, भारत-चीन सीमा पर प्राप्त की वीरगति
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देहरादून। आईटीबीपी के निरीक्षक चन्द्र मोहन सिंह सामरिक महत्व के क्षेत्र में विशिष्ट पैट्रोलिंग के दौरान वीर गति को प्राप्त हो गये।
देहरादून निवासी आईटीबीपी निरीक्षक चन्द्र मोहन सिंह भारत -चीन सीमा पर एक सामरिक मह्त्व के क्षेत्र में विशिष्ट पैट्रोलिंग के दौरान वीर गति को प्राप्त हो गए हैं। जानकारी के अनुसार 25 जुलाई को एक विशेष सूचना पर शॉर्ट-रेंज पेट्रोलिंग के दौरान एलएसी के पास भारत की अग्रिम चौकी से आगे करग्युपा नाला पार करते वक्त निरीक्षक चन्द्र मोहन सिंह साथियों के लिए टैम्परेरी ब्रिज बनाकर अपने साथियों को नाला क्रॉस कराते समय गिर गये और पानी के बहाव में बह गये। इस दौरान 100 मीटर की दूरी पर भारत की अग्रिम चौकी के आईटीबीपी जवानों द्वारा उन्हें बचाया गया और पास के आर्मी अस्पताल युमडों में उपचार हेतु भर्ती कराया गया। वहाँ पर इलाज़ के दौरान वे वीरगति को प्राप्त हो गये। चन्द्र मोहन सिंह के निधन से आईटीबीपी के समस्त फोरमेशन में शोक की लहर दौड़ गई है। निरीक्षक चन्द्र मोहन सिंह (55 वर्ष) देहरादून में डोईवाला तहसील में स्थित दुर्गा चौक, जौली ग्रांट के रहने वाले थे। चन्द्र मोहन सिंह भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल में 24 सितम्बर1987 में बतौर कांस्टेबल (जीडी) के पद पर भर्ती हुए थे , वर्तमान में वे निरीक्षक (जीडी) के पद पर तैनात थे। सेवा के दौरान ग्रहण किए गए अनुभवों से इस बल में अपने अधीन पदाधिकारियों को उन्होंने समय-समय पर मार्गदर्शित किया। इस अवधि के दौरान बलिदानी सिंह ने जिस मेहनत, लग्न एवं उच्च कोटि की व्यावसायिक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए अपनी ड्यूटी का निर्वाह किया है, उससे निःसन्देह बल उनकी सेवाओं को भुला ना सकेगा। वाहिनी में तैनाती के दौरान उन्होंने अपनी ड्यूटियों के अतिरिक्त अन्य सौंपी गई ड्यूटियों को समय समय पर बड़ी मेहनत, लग्न एवं उत्कृष्ट कार्यक्षमता के साथ पूर्ण किया। वे अपनी समर्पित और कर्तव्यनिष्ठता के लिए जाने जाते थे। मार्शल आर्ट में दक्षता के साथ-साथ उन्होंने अपने कार्य से देश का नाम रोशन किया था। शहीद चन्द्र मोहन सिंह का अंतिम संस्कार उनके गृह निवास जौली ग्रांट, देहरादून में संपन्न किया जाएगा।

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