ऐतराज: कांग्रेस नेता सुरेंद्र कुमार ने चुनाव आयोग से की आचार संहिता के दौरान हुई नियुक्तियों की शिकायत
संवाददाता
देहरादून, 10 जनवरी। उत्तराखंड कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के समक्ष ऑनलाइन व मोबाइल ऐप इ विजल तथा फ़ैक्स से अपनी शिकायत दर्ज कराई है। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने अपनी शिकायत में राज्य सरकार पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कई विभागों में नियुक्तियों और आबकारी विभाग में पदोन्नत्ति सहित कई बिंदु उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर प्रभावी आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, राज्य महिला आयोग में अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति, आबकारी विभाग में अधिकारियों के स्थानांतरण एवं मदिरा के ठेके, शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भारी संख्या में नियुक्ति व स्थानांतरण, सहकारिता विभाग में नियुक्ति व स्थानांतरण किए गए हैं। उन्होंने कहा है कि चुनाव आयोग सभी दस्तावेज अपने कब्जे में ले तथा संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष व स्वतंत्र चुनाव सम्पन्न कराने हेतु चुनाव कार्यों से विमुक्त रखा जाए।
शिकायत में कहा गया है कि उत्तराखंड राज्य चुनाव 2022 की तिथियां माननीय चुनाव आयोग ने घोषित कर दी हैं, उत्तराखंड राज्य के चुनाव को स्वतंत्र व निष्पक्ष कराने हेतु आयोग द्वारा जारी की गई आदर्श आचार संहिता का राज्य सरकार लगातार उलंघन कर रही है, इस संबंध में आयोग के समक्ष निम्न बिंदुवार निवेदन हैं।
राज्य सरकार ने आदर्श आचार संहिता का उलंघन करते हुए बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति में अध्यक्ष व अन्य सदस्यों की नियुक्ति की है जो कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद की गयी है। अतः चुनाव आयोग समस्त दस्तावेज अपने कब्जे में ले व स्वंतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कराने हेतु उपरोक्त समस्त नियुक्तियां रद करते हुए संबंधित अधिकारियों को चुनाव कार्यों से विमुक्त रखा जाए।
राज्य बाल आयोग में भी अध्यक्ष व सदस्यगणों की नियुक्ति रद्द की जाए व संबंधित अधिकारियों को चुनाव कार्यों से विमुक्त रखा जाए।
राज्य महिला आयोग में अध्यक्ष व सदस्यगणों की नियुक्तियों को रद्द किया जाए व संबंधित अधिकारियों को चुनाव कार्यों से विमुक्त रखा जाए।
राज्य आबकारी आयुक्त को भी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए लागू होने के बाद स्थानान्तरित किया गया व आबकारी संबंधित व्यापारिक समझौते व टेंडर आदि निर्गत किये गए। आबकारी आयुक्त के स्थानांतरण को रद्द करते हुए उनके द्वारा किए गए आदेशों को भी रद्द करते हुए समस्त दस्तावेज चुनाव आयोग अपने कब्जे में ले।
शिक्षा विभाग में शिक्षकों व कर्मचारियों की भारी तादाद में नियुक्तियां आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए की गई हैं।
सहकारिता विभाग में भी भारी मात्रा में नियुक्तियां की गई गयी हैं। चुनाव आयोग द्वारा सभी नियुक्तियों व स्थानांतरण को रद्द करते हुए संबंधित अधिकारियों को चुनाव कार्यों से विमुक्त रखा जाय व समस्त दस्तावेजों को कब्जे में लिया जाए।
ऊर्जा विभाग में भी नियुक्तियां, स्थानांतरण व पदोन्नतियां भी आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद की गई हैं। समस्त नियुक्तियों, स्थानांतरण व पदान्नतियों को रद्द करते हुए चुनाव आयोग समस्त दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले व संबंधित अधिकारियों को चुनाव कार्यों से विमुक्त रखा जाय।
कांग्रेस उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त से यह भी अनुरोध किया है कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 को स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने हेतु राज्य सरकार को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने से तत्काल रोका जाए व आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य सरकार द्वारा किये गए उपरोक्त सभी नियुक्तियों स्थानांतरण व पदोन्नत्तियों आदि को तत्काल प्रभाव से रद्द करते हुए समस्त दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर न्यायहित में स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने हेतु संबंधित अधिकारियों को चुनाव से विमुक्त रखा जाए।
