बड़ी खबर: बैंकॉक ले जाए गए उत्तराखंड के 7 युवकों की जान संकट में, बचाने की लगाई गुहार
परिजनों की शिकायत पर एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने चलायी वापस लाने की मुहिम
देहरादून। बैंकॉक में फंसे सात युवकों को भारत वापस लाने के लिए एसएसपी अजय सिंह ने मुहिम चलाते हुए सम्बन्धित विभागों से सम्पर्क किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, पांच जून को कुमारी जिया गौतम पुत्री सीताराम गौतम, निवासी इन्द्रा कालोनी, प्रतीत नगर रायवाला द्वारा पुलिस कार्यालय देहरादून में आकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह को प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि उनका भाई विधान गौतम, जो आई.टी. सेक्टर में काम करने हेतु माह मार्च 2024 में दुबई गया था तथा वहां से अपने 07 अन्य भारतीय साथियों के साथ माह मई 2024 में घर वापस आ गया था। माह मई 24 में गुजरात निवासी एजेंट जय जोशी द्वारा उसके भाई विधान गौतम को वीडियो कॉल किया गया तथा उनके भाई व उसके 07 साथियों को थाइलैण्ड में बड़ी आईटी कंपनी में जॉब दिलाने व अच्छी सैलरी दिये जाने की बात कह कर वीडियो कॉल के माध्यम से सभी का स्क्रीनिंग टेस्ट लिया गया तथा सभी को बताया गया कि उनका सलेक्शन बैंकॉक की आईटी कम्पनी में हो गया है। उन्हें बताया गया कि इंडिया से बैंकॉक, थाइलैंड जाने का सारा खर्चा व सुविधाएं कंपनी देगी तथा 21 मई 2024 को एजेंट जय जोशी उनके भाई विधान और 07 अन्य साथियों को दिल्ली से लेकर बैंकाक, थाईलैंड पहुंचा। उसके उपरान्त उनका अपने भाई विधान से सम्पर्क नहीं हो पाया, जिस पर उन्होंने जय जोशी से संपर्क किया, तो जय जोशी द्वारा उन्हें गुमराह कर बताया गया कि विधान को अच्छी जॉब मिली है, और वह ज्यादा व्यस्त होने के कारण बात नहीं कर पा रहा है। उसके बाद जय जोशी से उनकी कोई बात नहीं हो पाई। कुछ समय बाद युवती के पिता के व्हाट्सएप नंबर पर विधान गौतम का व्हाट्सएप कॉल आया और उसने बताया कि जय जोशी ने उनके साथ धोखाधड़ी की है तथा विधान और उसके 07 साथियों को बैंकाक एयरपोर्ट से एजेंट के साथियों द्वारा बंदूक दिखाकर उन सभी को अगवा कर वहां से म्यांमार बार्डर क्रॉस कराया गया, जहां उन्हें बधंक बना लिया गया है। विधान ने बताया कि वहां पर लगभग 70 भारतीय युवकों सहित अन्य देशों के कुल करीब 200 लोगों को बंधक बनाकर रखा गया है। उनमें से 10 युवक उत्तराखंड से हैं तथा उनके द्वारा उन्हें प्रताड़ना देते हुए उनसे साइबर फ्राॅड का काम करवाया जा रहा है तथा जो उनकी बात नहीं मानता, उसे उनके द्वारा मार दिया जाता है। विधान ने कहा कि यदि उन्हें उनके कब्जे से जल्द नहीं छुड़ाया गया तो वे लोग उन्हें में भी मार देंगे। प्रकरण में जिया गौतम द्वारा थाना रायवाला में दी गई तहरीर के आधार मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही एसएसपी देहरादून के निर्देशानुसार घटना के संबंध में विदेश मंत्रालय भारत सरकार, आसूचना ब्यूरो(आईबी) तथा अन्य ऐजेन्सियों से उक्त प्रकरण में कार्रवाई किए जाने हेतु लगातार समन्वय स्थापित करते हुए युवकों की वापसी के प्रयास किये जा रहे हैं।

