कांग्रेस: प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने मंत्रियों की अयोध्या यात्रा को बताया जनता के पैसे का दुरूपयोग
देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने प्रदेश की धामी सरकार पर जनता की गाढ़ी कमाई से दिये गये टैक्स के पैसे से अपने मंत्रिमंडल को धार्मिक यात्रा कराने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरकार पर जनता के पैसे का दुरूपयोग करने का आरोप लगाया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश की धामी सरकार का पूरा मंत्रिमंडल अयोध्या की धार्मिक यात्रा पर है, जो अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्रायें आस्था का विषय हैं, जो अपने खून पसीने और मेहनत की कमाई से की जानी चाहिए। धार्मिक आस्था नितांत निजी और व्यक्तिगत विषय है, इसके प्रदर्शन से बचा जाना चाहिए। इसीलिए वैदिक युग में हमारे ऋषि मुनि घनघोर जंगलों और गुफाओं में धार्मिक लाभ और आत्म कल्याण के लिए एकांत में तपस्या किया करते थे। माहरा का कहना है कि वे भी सुबह शाम अपनी श्रद्धा के अनुसार प्रतिदिन पूजा पाठ करता हैं और अपनी आस्था के अनुसार मंदिरों में भी भगवान के दर्शन के लिए जाते हैं, लेकिन वे उसके प्रदर्शन से हमेशा बचते रहे हैं। बचपन से दीपावली का त्योहार या भगवान राम के अयोध्या आगमन की खुशी सब मानते आए हैं ।
उन्होंने कहा कि बचपन से रामलीला का मंचन उनके गांव में और पूरे प्रदेश में प्रतिवर्ष होता रहा है और रामलीला के मंचनों में उन्हें भी कई बार पत्र बनने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि भगवान राम के जन्म की खुशी में प्रतिवर्ष रामनवमी का त्योहार सब लोग मनाते हैं और रामनवमी की शोभा यात्राएं अपनी-अपने क्षेत्र में निकलती रही हैं। भगवान राम युगों -युगों से हमारी आस्था और हमारे दिलों में हैं। वह घट-घट के वासी हैं। परंतु आज भगवान राम के नाम पर राजनीति हो रही है जिसको देखकर भगवान राम को भी निश्चित तौर पर दु:ख होता होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल की यह धार्मिक यात्रा जनता के पैसे से कराई जा रही है, जो कि अत्यंत दुःख का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के प्रति प्रत्येक नागरिक की अपनी धार्मिक आस्था है, परन्तु सरकारी खजाने से लाखों रुपये खर्च कर नेताओं या मंत्रियों को ऐसी धार्मिक यात्रायें कराया जाना आम जनता की गाढ़ी कमाई का खुला दुरूपयोग है जो राज्य एवं जनहित में उचित नहीं ठहराया जा सकता है
करन माहरा ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां जगह-जगह इष्ट देवों के मंदिर हैं। उनके जीर्णोद्धार और रखरखाव के लिए सरकार कोई योजना नहीं बना रही है। इस पर भी सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए। करन माहरा ने कहा कि भाजपा सरकारें प्रत्येक मोर्चे पर विफल साबित हो चुकी हैं, राज्य में बेरोजगारों की लाईन लगातार लम्बी होती जा रही है, महिलाओं पर अत्याचार बढते जा रहे हैं, किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। ऐसे में अब भाजपा आसन्न लोकसभा चुनाव में हार के भय से जनता की मेहनत की कमाई से दिये गये टैक्स से धार्मिक यात्रायें कर जनता को एकबार फिर से भ्रमित करना चाहती है।
उन्होंने भाजपा पर धार्मिक यात्राओं का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि एक ओर भाजपा के लोग अपनी निजी धार्मिक यात्रा पर उत्तराखण्ड आये कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के केदारनाथ दर्शन के दौरान सुनियोजित ढंग से नारेबाजी करते हैं, वहीं दूसरी ओर धामी सरकार का पूरा मंत्रिमंडल सरकारी धन से धार्मिक यात्रा करता है, तब भाजपा के बड़बोले प्रवक्ता एवं वक्ता चुप्पी साधे बैठे हैं।

