आवाज़: टिहरी बांध विस्थापितों को भूमिधरी हक दिलाने को पूर्व सीएम हरीश रावत करेंगे सांकेतिक उपवास
हरिद्वार। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत टिहरी बांध के विस्थापित परिवारों को भूमिधरी का अधिकार न मिलने के विरोध में एक फरवरी को गांधी पार्क में सांकेतिक उपवास पर बैठेंगे। रावत ने कहा कि टिहरी बांध निर्माण के लिए लोगों ने खेती बाड़ी, घर बार की कुर्बानी दी। लेकिन 42 साल बाद भी विस्थापितों को दी गई जमीन पर भूमिधरी का अधिकार नहीं मिला है। कांग्रेस सरकार के समय में उन्होंने प्रयास किया था। पिछली बार विधानसभा में हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने भी इस मुद्दे को सदन में उठाया था। उन्हें जानकारी मिली है कि सरकार की तरफ से भूमिधरी अधिकार की प्रक्रिया को और जटिल बनाने के लिए दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। सरकार के इस षड़यंत्र के खिलाफ वे एक फरवरी को सांकेतिक उपवास पर बैठैंगे, जिससे सरकार को अपने कर्तव्यों का अहसास हो सके। दूसरी तरफ 2024 के लोकसभा चुनाव में अकेले लड़ने के ममता बनर्जी के फैसले पर कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि गठबंधन (इंडिया ब्लॉक) और सीट-बंटवारा दो अलग-अलग विषय हैं। पंजाब की स्थिति के अनुसार, सत्ता विरोधी लहर के कारण कांग्रेस अकेले चुनाव लड़े तो बेहतर है। कुछ राजनीतिक निर्णय लिए जा सकते हैं, लेकिन उनका गठबंधन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

