पूर्वानुमान: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में 14 सितंबर तक बारिश की संभावना,
उधमसिंहनगर व चंपावत जनपद में 12वीं तक के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में रहेगी छुट्टी
देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में अगले 4 दिन मौसम खराब रहने के आसार है। जबकि हरिद्वार में मौसम शुष्क बना रहेगा। उधर कुमाऊ में बारिश के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त हो रखा है।
मौसम विभाग ने 11 से 14 सितंबर तक तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। सोमवार को भारी बारिश का अलर्ट देखते हुए उधम सिंह नगर और चंपावत जिले में 12वीं तक के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में छुट्टी घोषित की गई है।
केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। इन धामों में हुई बर्फबारी से यहां दर्शनों के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं के चेहरे खिल गए हैं। धामों में हुई बर्फबारी से जहां ऊपरी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है तो वहीं निचले क्षेत्रों में भी मौसम में ठंड का अनुभव होने लगा है।
कुमाऊं में बारिश के कारण हालत खराब हो रहे हैं। लगातार बारिश से जहां नदी नाले उफान पर हैं। वहीं नैनीताल झील, भीमताल झील और कोलिधेक झील का जलस्तर भी बढ़ गया है। शनिवार रात से हो रही बारिश ने कुमाऊं में जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। मानसून जाते-जाते भी आफत बनकर बरस रहा है।
बारिश के कारण धारचूला और मुनस्यारी के उच्च हिमालय क्षेत्र में शीत लहर चलनी शुरू हो गई है। लोगों ने स्वेटर गर्म कपड़े भी निकाल लिए हैं। रविवार की रात को गागरीगोल जाने वाली सड़क तेज बारिश से चलते धड़क गई है।
इस दौरान सड़क से एक कार गुजर रही थी जो दरकी हुई सड़क की दरारों में फंस गई, हालांकि कार सवारों को उतरने का मौका मिल गया। अगर कार थोड़ा और आगे गई होती तो खाई में जा गिरती।
कुमाऊं में चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट लिपुलेख सड़क पांगला से बुडी तक तीन चार जगह बंद है। दोनों ओर दर्जनों वाहन फंसे हुए हैं। धारचूला के कुलागाड़ में मलबा और बोल्डर गिरने से दारमा और चौंदास घाटियों में आवागमन ठप हो रखा है।
चोर गलिया में शेरनाला के तेज बहाव में एंबुलेंस फंस गई जिससे नवजात और उसके परिजनों की जान पर बन आई। पुलिस बमुश्किल इन सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकला।

