मुश्किल: कोटद्वार में अतिवृष्टि के चलते बढ़ीं लोगों की दुश्वारियां, सड़क अवरुद्ध होने से आवाजाही में भारी दिक्कत
कोटद्वार। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश लोगों के लिए कई तरह के संकट खड़े कर रही है। जन-धन के भारी नुक़सान के साथ ही लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में भी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। सबसे अधिक परेशानियां आवाजाही में हो रही हैं। मुश्किलों का ऐसा ही दौर इन दिनों कोटद्वार में चल रहा है, जहां सड़कों के बंद होने की वजह से लोग गढ़वाल के लिए आवाजाही करने से लाचार हो गये हैं। यहां से गढ़वाल को जोड़ने वाला दुगड्डा मार्ग पिछले चालीस घंटों के बाद भी नहीं खुल सका है। इसके कारण इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवाजाही में लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क बंद होने से पौड़ी जिला मुख्यालय समेत लैंसडौन, सतपुली और जिले के बड़े हिस्से की आबादी की आवाजाही प्रभावित हो रही है। ऐसे बिगड़े हालात के बावजूद प्रशासन निष्क्रिय नज़र आ रहा है। सरकारी मशीनरी के इस ढीले रवैये को लेकर लोग प्रशासन और जन प्रतिनिधि को जमकर कोस रहे हैं। पीडब्ल्यूडी की बेपरवाही के कारण दुगड्डा से गुमखाल के बीच सौ से ज्यादा वाहन विभिन्न जगहों पर फंसे हुए हैं।
गौरतलब है कि बीते मंगलवार शाम को दुगड्डा और कोटद्वार के बीच शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने रात को विकराल रूप ले लिया। इस दौरान भूस्खलन के कारण सड़कों पर ऊपर से मलबे और बोल्डरों के ढेर आ गए। जगह जगह सड़क टूटने के कारण सैकड़ों गाडियां और मुसाफिर बीच में फंसे है। इन यात्रियों में बच्चे, बूढ़े, मरीज सहित बहुत संख्या में लोग कोटद्वार से आमसौड़ तक लगभग 8 किमी की पैदल आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। कहीं कहीं पर स्थिति इतनी खराब है कि लोगों को जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ रही है। राहत के नाम पर केवल कुछ जेसीबी मशीन लगाई गई हैं जो कि नाकाफी है। लोगों का कहना है कि सड़क कई जगहों पर पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है,जिसे दुरुस्त करने में एक महीने से भी ज्यादा समय लग सकता है। इस सड़क से प्रतिदिन हजारों लोगों का आना जाना होता है। यह वही सड़क है जिससे पौड़ी सहित अन्य बहुत स्थानों के लिए प्रतिदिन की आवश्यकता का महत्वपूर्ण सामान, सब्जियां, दवाएं आदि सभी भेजी जाती हैं। सड़क के टूट जाने की वजह से सभी तरह की आपूर्ति बंद होने लगी है। तीन दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन और एनएचए की ओर से कोई भी उचित समाधान योग्य कार्य नहीं किया जा रहा है । अभी तक दुगड्डा की तरफ से एक जेसीबी मशीन लगाई गई है जो इतनी बड़े कार्य के लिए नाकाफी साबित हो रही है।
इस बारे में पीडब्ल्यूडी का पक्ष रखते हुए एनएच कोटद्वार के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार का कहना कि वे खुद साइट पर मौजूद रह कर सड़क की मरम्मत का काम करा रहे हैं। सड़क को दुरूस्त करने का काम और तेज कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया है कि शुक्रवार शाम तक सड़क आवाजाही के लिए पूरी तरह खोल दी जाएगी। इस दौरान स्थानीय विधायक की निष्क्रियता पर भी तरह तरह के सवाल उठाए जाने लगे हैं।
