आवाज़: प्रस्तावित ‘भारत बंद’ को उत्तराखंड में विभिन्न राजनैतिक दलों ने दिया समर्थन 

आवाज़: प्रस्तावित ‘भारत बंद’ को उत्तराखंड में विभिन्न राजनैतिक दलों ने दिया समर्थन 
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किसान संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर 27 सितंबर को रखा जाएगा ‘ भारत बंद’
संवाददाता
देहरादून, 24 सितंबर। किसान संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर 27 सितंबर के भारत बंद को उत्तराखंड में में भी तैयारियां जोरों पर हैं। इस बीच प्रस्तावित ‘भारत बंद’ को विभिन्न राजनैतिक दलों ने समर्थन देने की घोषणा कर दी है। बंद की तैयारियों के सिलसिले में यहां समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में विभिन्न राजनीतिक दलों की बैठक हुई जिसमें  तय किया गया कि सभी समर्थक दल ‘भारत बंद’ को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर प्रयास करेंगे।
बैठक में नेताओं ने आम जनता का  मोदी सरकार की कारपोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर आगे आने का आह्वान करते हुए 27 सितंबर को भारत बन्द को सफल बनाने में  पूरा सहयोग देने की अपील की। इस मौके पर तीन कृषि कानूनों की कड़ी आलोचना करते हुए तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग दोहराई गई। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन जारी रखा जाएगा।
बैठक में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. एसएन सचान, सीपीआई (एम) राज्य सचिव राजेंद्र सिंह नेगी, सीपीआई के राज्य सचिव समर भंडारी ,सीपीएम नेता सुरेंद्र सिंह सजवाण, राष्ट्रीय उत्तराखण्ड पार्टी विजय कुमार, टीएमसी संयोजक राकेश पन्त, वालेश बवानिया, एसयूसी आई के एसपी सेमवाल, यशवीर सिंह ,सीपीआई( एमएल) के केपी चन्दोला, महाबीर सिंह, यशवीर आर्य आदि ने विचार व्यक्त किए।
दूसरी ओर, उत्तराखंड संयुक्त ट्रेड यूनियंस संघर्ष समिति की बैठक में किसान मोर्चा के आह्वान पर भारत बंद को समर्थन देने की घोषणा की गई ।  पूर्व केबिनेट मंत्री एवं इंटक के प्रदेश अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट के आवास पर हुई इस बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से किसान विरोधी तीनों काले कानूनों व श्रम कानूनों में संशोधन के खिलाफ आयोजित बंद में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर इंटक के प्रांतीय अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट, सीटू के प्रांतीय सचिव लेखराज, एटक के प्रांतीय महामंत्री अशोक शर्मा, एक्टू के उपाध्यक्ष केपी चन्दोला बैंक यूनियन से एसएस रजवार उपस्थित थे। सीटू के सचिव लेखराज ने बताया कि आगामी 27 सितम्बर  को श्रमिक गांधी पार्क में इकट्ठा होकर प्रदर्शन करेंगे।

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