हादसा: 500 मीटर गहरी खाई में गिरा खनन सामग्री से लदा डंपर, चालक-परिचालक बाल-बाल बचे

हादसा: 500 मीटर गहरी खाई में गिरा खनन सामग्री से लदा डंपर, चालक-परिचालक बाल-बाल बचे
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भोगपुर-ईठारना रोड की बदहाली पर भड़के ग्रामीण, डामरीकरण नहीं होने पर आंदोलन और विधानसभा चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

देहरादून। डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के पर्वतीय इलाके में बदहाल सड़क पर सफर करना लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। गड़ूल ग्राम पंचायत के अंतर्गत बमेत गांव के पास भोगपुर-ईठारना रोड पर सोमवार देर शाम खनन सामग्री से लदा एक डंपर अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में चालक और परिचालक की जान बाल-बाल बच गई। गनीमत रही कि डंपर के खाई में गिरते ही उसके दोनों दरवाजे खुल गए और चालक-परिचालक बाहर छिटककर गिर पड़े। इस तरह दोनों की जान बच गई।

हादसे के बाद क्षेत्र में सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से सड़क के डामरीकरण की मांग की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहा। सड़क पर डामरीकरण नहीं होने और मार्ग की खराब हालत के चलते दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों को मजबूरी में जोखिम उठाकर आवाजाही करनी पड़ रही है।

पीएमजीएसवाई विभाग पर अनदेखी का आरोप

ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) विभाग पर सड़क की सुध नहीं लेने का आरोप लगाते हुए जल्द डामरीकरण कराने की मांग की है। ग्राम प्रधान स्वीटी रावत ने कहा कि सड़क की खराब हालत के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संबंधित विभाग को जल्द सड़क का डामरीकरण कराकर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना चाहिए।

सामाजिक कार्यकर्ता धर्मेंद्र सिंह रावत ने कहा कि ईठारना रोड की बदहाली ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सड़क पर डामरीकरण नहीं होने से दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। शासन-प्रशासन को इस समस्या का तत्काल समाधान करना चाहिए।

मांग पूरी नहीं हुई तो चुनाव बहिष्कार

ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्रवासी लंबे समय से सड़क के डामरीकरण की मांग उठा रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क का सुधारीकरण नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन करने के साथ आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने के लिए मजबूर होंगे।
इस मौके पर राजीव तोपवाल, रमेश रमोला, रविंद्र सिंह तोमर, हिमांशु रावत, अनिल रावत, अशोक पुंडीर और मोहन रावत सहित अन्य ग्रामीणों ने भी सड़क की स्थिति पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि सड़क का जल्द डामरीकरण नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
सवाल यह है कि क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है सिस्टम? करीब 500 मीटर गहरी खाई में डंपर गिरने की घटना ने एक बार फिर पहाड़ी सड़कों की सुरक्षा और रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग ग्रामीणों की चेतावनी के बाद सड़क सुधारने के लिए कब ठोस कदम उठाता है।

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