विरोध: सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज विपक्ष का मार्च, मुख्य न्यायाधीश से मिलेंगे राहुल गांधी
कांग्रेस ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
नई दिल्ली (आरएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ आज़ (12 अक्टूबर) को एक बार फिर राजधानी दिल्ली में विरोध मार्च निकालेगा। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि मार्च में विपक्षी दलों के सांसद, नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात करने का प्रयास करेंगे। दोनों नेताओं ने उनसे मिलने का समय मांगा है। विपक्ष का यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जारी विरोध अभियान की अगली कड़ी होगा।
के.सी. वेणुगोपाल ने सामाजिक माध्यम पर जारी संदेश में लोकतंत्र को लेकर चिंता जताने वाले लोगों से मार्च में शामिल होने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और भाजपा पर देशभर में ‘वोट चोरी’ कराने के आरोप हैं। वेणुगोपाल के अनुसार, विपक्षी गठबंधन के सांसद, नेता, कार्यकर्ता और अन्य नागरिक मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मार्च निकालेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर मौजूदा विवाद में हस्तक्षेप की मांग करेगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में अराजकता का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों को अघोषित आपातकाल जैसा बताते हुए कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा।
खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र में लोगों के अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाना आवश्यक है। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। केंद्र सरकार और चुनाव आयोग का पक्ष इन आरोपों के संदर्भ में अलग से सामने आना बाकी है
राहुल गांधी ने इससे पहले कहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मौजूदा सरकार के जाने के बाद लोकतंत्र की मरम्मत शुरू होगी। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने के पीछे उनका उद्देश्य भारत के लोगों की आवाज बनना और उनके अधिकारों के लिए मजबूती से खड़ा होना है। राहुल ने वर्ष 2014 के बाद हुए बदलावों का भी उल्लेख किया और कहा कि मौजूदा विवाद के बीच लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े सवाल देश के सामने आ रहे हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के विरोध का सिलसिला पिछले कई दिनों से जारी है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, 6 अक्टूबर को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस नेताओं ने आकाशवाणी भवन के पास धरना दिया था। बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था।
7 अक्टूबर को राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों के साथ जंतर-मंतर की ओर मार्च किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। 8 अक्टूबर को भी विरोध मार्च निकाला गया और राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद 9 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों ने राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च किया। विपक्ष के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर अपनी मांगों और चिंताओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
12 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च के साथ विपक्ष मतदाता सूची पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर अपना विरोध आगे बढ़ाएगा। मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात और ज्ञापन सौंपने की मांग को लेकर भी विपक्ष की गतिविधियां महत्वपूर्ण रहेंग

