खुलासा: बसंत विहार में नशीला पदार्थ खिलाकर चोरी की वारदात में दिल्ली का नेपाली गैंग पुलिस के रडार पर

खुलासा: बसंत विहार में नशीला पदार्थ खिलाकर चोरी की वारदात में दिल्ली का नेपाली गैंग पुलिस के रडार पर
Spread the love

देहरादून। बसंत विहार थाना क्षेत्र में घर के सदस्यों को खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर जेवरात और नकदी चोरी करने के मामले का दून पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने वारदात में शामिल दिल्ली के एक नेपाली मूल के आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से चोरी की गई 27,500 रुपये की नकदी, दो मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल अर्टिगा कार संख्या HR55 BB1055 बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी टैक्सी चालक है और टैक्सी चलाने की आड़ में नेपाली मूल के अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी अपने साथियों को टैक्सी से घटनास्थल तक पहुंचाने और वारदात के बाद उन्हें वापस दिल्ली ले जाने का काम करता था।
पुलिस के अनुसार, 29/30 सितंबर 2026 को बल्लीवाला चौक स्थित राज मार्केट निवासी महिपाल सिंह ने बसंत विहार थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि दिल्ली की एक कंपनी के माध्यम से घर में काम करने के लिए बुलाए गए नौकर भरत थापा ने अपने साथियों के साथ मिलकर खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया और इसके बाद घर से जेवरात व नकदी चोरी कर ली। तहरीर के आधार पर थाना बसंत विहार में मुकदमा अपराध संख्या 209/2026 के तहत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गईं। टीमों ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में सामने आया कि वारदात में भरत थापा के अलावा चार अन्य लोग भी शामिल थे और आरोपियों ने हरियाणा नंबर की एक कार का इस्तेमाल किया था। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज की। मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ ही पुलिस टीमों को गैर-प्रांतों में संभावित ठिकानों पर दबिश के लिए भेजा गया। इसी दौरान 6 अक्टूबर 2026 की रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली। सूचना के आधार पर टीम ने घटना में शामिल दिनेश सुनार (27) को उसकी अर्टिगा कार संख्या HR55 BB1055 के साथ गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर बसंत विहार क्षेत्र में घर में रहने वाले लोगों को नशीला पदार्थ खिलाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी की नकदी भी बरामद हुई। पुलिस पूछताछ में दिनेश ने बताया कि वह मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है और दिल्ली में टैक्सी चलाता है। टैक्सी चलाने के काम की आड़ में वह नेपाली मूल के अपने अन्य साथियों के साथ आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस के अनुसार, गैंग के सदस्य पहले घरेलू काम करने के बहाने किसी घर में प्रवेश करते थे और वहां की स्थिति तथा परिवार की दिनचर्या की रेकी करते थे। इसके बाद मौका देखकर अपने साथियों को बुलाया जाता था और वारदात को अंजाम दिया जाता था। दिनेश की भूमिका मुख्य रूप से अपने साथियों को टैक्सी से घटनास्थल तक पहुंचाने और वारदात के बाद उन्हें वापस ले जाने की थी। इसके बदले उसे चोरी के माल में हिस्सा दिया जाता था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बसंत विहार की घटना के बाद उसके साथियों ने उसे 50 हजार रुपये नकद दिए थे। बाकी हिस्सा चोरी किए गए माल के बिकने के बाद देने की बात कही गई थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही और पूछताछ के आधार पर उसके अन्य साथियों की पहचान की है। इनमें मुख्य आरोपी भरत थापा के अलावा आदित्य, अभिषेक और एलेक्स के नाम सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपी नेपाली मूल के हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए गैर-प्रांतों सहित संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी का नाम दिनेश सुनार पुत्र चन्द्र सुनार, निवासी पर्यावरण कॉम्पलेक्स, गली सी-33डी, बालाजी अपार्टमेंट, दिल्ली, उम्र 27 वर्ष है जबकि वांछित आरोपी
भरत थापा पुत्र चन्द्र बहादुर थापा, निवासी जनकपुरी, नई दिल्ली, मूल निवासी नेपाल, आदित्य, अभिषेक, एलेक्स सभी नेपाली मूल के बताए गए हैं। दिनेंश के पास से पुलिस को चोरी की नकदी — 27,500 रुपये, रेडमी मोबाइल फोन, सफेद रंग, आईफोन, गोल्डन रंग, वारदात में प्रयुक्त अर्टिगा कार HR55 BB1055, सफेद रंग बरामद हुयी है।  पुलिस अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने देहरादून या आसपास के अन्य क्षेत्रों में इसी तरह की कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

Parvatanchal