सनसनी: भाजपा पार्षद के घर हुई लूट की वारदात से हड़कंप, नौकर ने साथियों संग दिया वारदात को अंजाम

Spread the love

 

बेटी ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हायर कराया था आरोपी

देहरादून (आरएनएस) । बसंत विहार क्षेत्र में भाजपा पार्षद अमिता सिंह के घर हुई लूट की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही घरेलू सहायकों के सत्यापन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस घरेलू सहायक पर परिवार ने भरोसा जताते हुए उसे घर में काम पर रखा था, उसी पर परिवार के सदस्यों को नशीला पदार्थ खिलाकर घर में लूटपाट करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक आरोपी अकेला नहीं था, बल्कि उसने अपने चार साथियों को भी बुलाया था। वारदात के बाद पांचों आरोपित घर से बाहर निकलते हुए सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए हैं। पुलिस अब फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
घटना बल्लीवाला चौक स्थित नाथ वाटिका के पास की बताई जा रही है। भाजपा पार्षद अमिता सिंह अपने पति महिपाल सिंह और बेटे शुभम सिंह के साथ घर पर थीं। बताया जा रहा है कि परिवार की बेटी मेघा दिल्ली में रहती हैं। उन्होंने ही करीब 20 से 25 दिन पहले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से नेपाल मूल के एक व्यक्ति के बारे में जानकारी जुटाई और उसे घरेलू कामकाज के लिए घर पर रखा था। आरोपी कुछ ही दिनों में परिवार के बीच घुल-मिल गया और उसने परिवार का विश्वास हासिल कर लिया।
पुलिस के अनुसार मंगलवार रात घरेलू सहायक ने भोजन में नशीला पदार्थ मिला दिया। खाना खाने के बाद परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ने लगी। कुछ ही देर में वे बेहोशी की हालत में पहुंच गए। इसी दौरान आरोपित ने अपने साथियों को घर में बुलाया और कथित तौर पर घर में रखे सोने के आभूषण समेत अन्य सामान लेकर फरार हो गया। जब परिवार के सदस्यों को होश आया तो उन्हें घर में हुई लूट की जानकारी हुई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। परिवार के सदस्यों की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। पार्षद अमिता सिंह, उनके पति महिपाल सिंह और बेटे शुभम सिंह को सिनर्जी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया गया। पुलिस का कहना है कि परिवार के सदस्यों की हालत फिलहाल ठीक बताई जा रही है।
घटना की सबसे अहम कड़ी घरेलू सहायक की नियुक्ति को माना जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी को परिवार की बेटी मेघा ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिये काम पर रखा था। बताया जा रहा है कि घरेलू कामकाज के लिए युवक को रखने से पहले ऑनलाइन माध्यम से उसके संबंध में जानकारी जुटाई गई थी। इसके बाद उसे घर पर काम करने के लिए बुलाया गया। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपी को घर में रखने से पहले उसकी पहचान और पते का वास्तविक सत्यापन किस स्तर पर किया गया था। उसके द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज सही थे या नहीं, दस्तावेजों में दर्ज पता वास्तविक है या नहीं और उसकी पूर्व गतिविधियों के संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध थी या नहीं, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। पुलिस आरोपी के नाम, मोबाइल नंबर, स्थायी पते और उसके संपर्क में रहे लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। जिस ऑनलाइन माध्यम के जरिये उसे काम पर रखा गया था, वहां उपलब्ध उसकी प्रोफाइल और अन्य जानकारियों को भी जांच के दायरे में लिया जा सकता है।
वारदात का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि आरोपी को घर में काम करते हुए अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ था। करीब 20 से 25 दिन के भीतर ही उसने परिवार का भरोसा हासिल कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने पहले से वारदात की योजना बनाई थी या घर में रहने के दौरान उसने परिवार की दिनचर्या, घर की व्यवस्था और कीमती सामान के बारे में जानकारी जुटाई। जांच एजेंसियां यह भी पता कर रही हैं कि आरोपी के चारों साथी पहले से उसके संपर्क में थे या घटना से कुछ समय पहले ही उनसे संपर्क किया गया। पांचों आरोपितों के बीच किस तरह संपर्क हुआ और वारदात से पहले तथा बाद में उन्होंने किस माध्यम से एक-दूसरे से बातचीत की, इसकी जानकारी जुटाने के लिए मोबाइल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस को जांच में सीसीटीवी फुटेज से महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वारदात के बाद पांचों संदिग्ध घर से बाहर निकलते हुए कैमरे में कैद हुए हैं। पुलिस आसपास के घरों, दुकानों और मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।
पुलिस की कोशिश है कि घर से निकलने के बाद आरोपित किस दिशा में गए, किस वाहन का इस्तेमाल किया और आगे कहां पहुंचे, इसकी कड़ी जोड़ी जा सके। अलग-अलग स्थानों की सीसीटीवी फुटेज को जोड़कर आरोपितों की आवाजाही का रास्ता तलाशा जा रहा है।
फरार घरेलू सहायक की तलाश में पुलिस उसके मोबाइल नंबर और संभावित संपर्कों को खंगाल रही है। उसके संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ की जा सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात के बाद आरोपी किससे संपर्क में रहा और घटना के बाद उसका मोबाइल किस क्षेत्र में सक्रिय रहा।
इसके साथ ही उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस का फोकस आरोपितों तक पहुंचने के साथ-साथ चोरी किए गए सोने के आभूषण और अन्य सामान की बरामदगी पर भी है।
जांच में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पार्षद के घर हुई लूट पहले से सुनियोजित थी। जिस तरह आरोपी ने कम समय में परिवार का विश्वास हासिल किया, परिवार के साथ रहा और फिर कथित तौर पर अपने चार साथियों को बुलाकर वारदात को अंजाम दिया, उससे पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
यह भी देखा जा रहा है कि क्या आरोपी ने पहले से घर की रेकी की थी। क्या उसे घर में मौजूद कीमती सामान की जानकारी थी? क्या उसने परिवार के सदस्यों की दिनचर्या और घर में आने-जाने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाई थी? इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आने की उम्मीद है।
इस घटना ने घरेलू सहायकों की नियुक्ति और उनके सत्यापन की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से घर में काम करने वाले लोगों को रखने के मामले में पहचान और पते के सत्यापन की प्रक्रिया कितनी मजबूत है, यह जांच का महत्वपूर्ण विषय बन गया है।
पुलिस अब यह भी देख रही है कि आरोपी ने नौकरी हासिल करने के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज उपलब्ध कराए थे। उन दस्तावेजों की वास्तविकता क्या थी और उनके सत्यापन के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्य और आरोपी के संपर्कों के आधार पर पुलिस फरार आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।

Parvatanchal