हाईकोर्ट: लोहाघाट के विधायक खुशाल सिंह अधिकारी के चुनाव पर फैसला सुरक्षित, मामले में अंतिम सुनवाई पूरी

हाईकोर्ट: लोहाघाट के विधायक खुशाल सिंह अधिकारी के चुनाव पर फैसला सुरक्षित, मामले में अंतिम सुनवाई पूरी
Spread the love

 

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने चंपावत जिले की लोहाघाट विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक खुशाल सिंह अधिकारी के निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका पर सोमवार को अंतिम सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित रखा।
यह चुनाव याचिका वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे पूरण सिंह फर्त्याल ने दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि नामांकन के दौरान विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने अपने चुनावी शपथपत्र में महत्वपूर्ण जानकारियों का पूर्ण और सही तरीके से खुलासा नहीं किया।
याचिकाकर्ता पक्ष के अनुसार, खुशाल सिंह अधिकारी ए-श्रेणी के ठेकेदार रहे हैं और नामांकन के समय ठेकेदारी से संबंधित जानकारी शपथपत्र में छिपाई गई। इसके अलावा उनकी तथा परिवार के सदस्यों की आय से जुड़ी जानकारियों को भी सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में यह भी दलील दी गई कि चुनाव याचिका को दायर हुए काफी समय बीत चुका है और अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में मामले का शीघ्र निस्तारण आवश्यक है। दोनों पक्षों ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों और चुनावी शपथपत्र में दी जाने वाली सूचनाओं से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विस्तार से अपनी दलीलें रखीं।
वहीं, विधायक खुशाल सिंह अधिकारी की ओर से याचिका में लगाए गए आरोपों को खारिज किया गया। उनके अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि नामांकन दाखिल करने से पहले ही अधिकारी ठेकेदारी से इस्तीफा दे चुके थे। विधायक पक्ष ने आरोपों को तथ्यहीन बताते हुए चुनाव याचिका की कानूनी पोषणीयता पर भी सवाल उठाया और इसे खारिज किए जाने की मांग की।
दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब अदालत के निर्णय का इंतजार है। फैसले का असर लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक परिदृश्य पर पड़ सकता है।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी खुशाल सिंह अधिकारी ने भाजपा के पूरण सिंह फर्त्याल को 6,038 मतों के अंतर से हराया था। अधिकारी को 32,950 वोट, जबकि फर्त्याल को 26,912 मत मिले थे। अब इस निर्वाचन की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।

Parvatanchal