दुष्प्रभाव: धारडुंग्री-मैखुरा मार्ग 15 दिन से पड़ा है बंद, भूस्खलन के कारण आवागमन ठप

दुष्प्रभाव: धारडुंग्री-मैखुरा मार्ग 15 दिन से पड़ा है बंद, भूस्खलन के कारण आवागमन ठप
Spread the love

चमोली(आरएनएस)।  ब्लॉक का धारडुंग्री-मैखुरा मार्ग पिछले 15 दिनों से बंद है। सड़क के शुरुआत में ही पुश्ता क्षतिग्रस्त होने और भूस्खलन होने से वाहनों का आवागमन ठप है। इससे करीब तीन हजार की आबादी प्रभावित है।इस सड़क से गोपथला, मल्ला कनखुल, चोपड्यूं, बखरा, कांडा, गनोली, मैखुरा सहित कई गांवों के लोगों की आवाजाही होती है लेकिन सड़क बंद होने से ग्रामीणों को आवाजाही और जरूरी खाद्य सामग्री लाने-ले जाने में दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले साल की भारी बारिश से सड़क की दीवार क्षतिग्रस्त हुई थी जिसे ठीक नहीं किया गया। इस बार बारिश के कारण सड़क और भी खराब हो गई। भू-धंसाव के कारण धारडुंग्री के सते सिंह के मकान को भी खतरा बना हुआ है। वहीं लोनिवि गौचर के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि भूस्खलन से सुरक्षा दीवार टूटी है। सड़क के नीचे एक मकान होने से निर्माण में दिक्कतें हैं लेकिन जल्द वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।वहीं देवाल में भारी बारिश से स्टेट हाईवे थराली-देवाल मार्ग तीसरे दिन भी बंद रहा। नंदकेशरी के पास चट्टान टूटने से सड़क बंद है और पोकलेन मशीन भी काम नहीं कर पा रही है। कोठी और तलसारी के 20 स्कूली बच्चे विद्यालयों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। वहीं 150 मीटर सड़क ध्वस्त होने से देवाल-खेता मार्ग भी डेढ़ सप्ताह से बंद है। हालांकि लोनिवि नई सड़क बना रहा है लेकिन बारिश के कारण अभी काम रुका है। इस मार्ग से करीब 12 गांवों के दस हजार लोग प्रभावित हैं। वहीं अधिशासी अभियंता मनीष डोगरा ने बताया कि बारिश के कारण मलबा हटाने का काम रुका है।

बारिश के कारण खेतों में खराब हो रही धान की फसल
दूसरी ओर,  बारिश के कारण खेतों में कटी और खड़ी धान की फसल अब खराब हो रही है। इससे किसान चिंतित हैं। बीते कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है जबकि इन दिनों क्षेत्र के ऊंचाई वाले गांवों में किसान धान की फसल की कटाई और मंडाई करने लगे हैं। किसानों का कहना है कि कुछ दिन और यदि बारिश पड़ी तो फसलें और खराब हो सकती हैं। आदिबदरी क्षेत्र के ऊंचाई वाले पंडाव, केड़ा, प्यूंरा, पज्याणा, लंगटाईं, सिलपाटा में किसानों ने धान कटाई के बाद खेतों में ढेर लगाए हैं। लगातार बारिश के कारण वे उसकी मंडाई नहीं कर पा रहे हैं जिससे धान के खराब होने की चिंता किसानों को सता रही है। पंडाव के विलोक सिंह ने कहा कि उनके छह से अधिक धान के ढेर खेतों में हैं। अगर बारिश नहीं रुकी तो सारा धान बरबाद हो जाएगा। वहीं केड़ा के राकेश नेगी व प्यूंरा के आनंद नेगी ने भी धान के खराब होने की आशंका जताई। वहीं कर्णप्रयाग के गांवों के भी किसान परेशान हैं। किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष खिलदेव रावत ने बताया यदि लगातार बारिश रही तो धान की फसलों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

Parvatanchal