नटवरलाल: आर्मी के फर्जी मेजर के काले कारनामे, देहरादून की एक दर्जन युवतियों को बनाया शिकार
देहरादून(आरएनएस)। हल्द्वानी में पकड़ा गया आर्मी का फर्जी मेजर देहरादून की एक दर्जन से अधिक युवतियों को ठग चुका है। इन युवतियों से यह सख्स लाखों रूपये ठग चुका है साथ ही साथ ये इनको कई बार हल्द्वानी बुलाने की कोशिश भी कर चुका है।
मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर हल्द्वानी पुलिस ने ए आई की मदद से खुद को पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर बताकर युवतियों को जाल में फंसाने वाले 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सेना की वर्दी और हथियारों के साथ अपनी फर्जी तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करता था। इसके बाद युवतियों से दोस्ती कर उन्हें अपने विश्वास में लेता और वीडियो कॉल के दौरान उनकी निजी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर कथित तौर पर ब्लैकमेल करता था। पुलिस के अनुसार आरोपी का संपर्क देहरादून, दिल्ली और केरल तक की युवतियों से था और उसके मोबाइल की जांच में 10 से अधिक युवतियों से बातचीत के साक्ष्य मिले हैं। एक सितंबर को मिलिट्री इंटेलिजेंस से हल्द्वानी पुलिस को युवक की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी। सूचना के बाद एसएसपी डा. मंजुनाथ टीसी ने एसओजी प्रभारी मोहन सिंह सौन को कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान चंपावत जिले के पाटी तहसील के ग्राम कानीकोट निवासी रोहित मेहता के रूप में हुई है। वह वर्तमान में गोरापड़ाव क्षेत्र में रह रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन, आधार-पैन कार्ड और सेना का फर्जी आईकार्ड बरामद किया है। मोबाइल की जांच में सेना की वर्दी में उसके कई फोटो और वीडियो भी मिले हैं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने पूर्व में सेना में भर्ती होने का प्रयास किया था, लेकिन शारीरिक दक्षता परीक्षा में दौड़ पूरी नहीं कर पाने के कारण भर्ती नहीं हो सका। इसके बाद उसने सोशल मीडिया पर खुद को मेजर बताना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि ए आई और गूगल जेमिनी की मदद से वह सेना की वर्दी और हथियारों से जुड़े फर्जी फोटो-वीडियो तैयार करता था। वीडियो कॉल के दौरान वह युवतियों को अपना चेहरा नहीं दिखाता था और इसके लिए सेना में मेजर होने के कारण सुरक्षा कारणों से चेहरा नहीं दिखा पाने का बहाना बनाता था। बातचीत के दौरान वह युवतियों की निजी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लेता था और बाद में इन्हीं के जरिए उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठता था । पुलिस अब आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और उसके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी खंगाल रही है। जांच पूरी होने के बाद फर्जी पहचान और ब्लैकमेलिंग से जुड़े कई और मामलों का खुलासा होने की संभावना है।

