आफ़त: लक्ष्मणझूला-कांडी-यमकेश्वर मोटर मार्ग मलबा आने से बंद, कई दर्जन गांवों का संपर्क कटा

आफ़त: लक्ष्मणझूला-कांडी-यमकेश्वर मोटर मार्ग मलबा आने से बंद, कई दर्जन गांवों का संपर्क कटा
Spread the love
ऋषिकेश। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के बीच लक्ष्मणझूला-कांडी-यमकेश्वर मोटर मार्ग पर मलबा आने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। मार्ग पर बड़ी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने के कारण वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। सड़क बंद होने से यमकेश्वर क्षेत्र के कई दर्जन गांवों का ऋषिकेश से संपर्क प्रभावित हो गया है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मार्ग बाधित होने की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सड़क खोलने का काम शुरू कराया। जेसीबी मशीन की मदद से सड़क पर जमा मलबे और पत्थरों को हटाया जा रहा है। विभागीय कर्मचारियों की टीम लगातार मार्ग को यातायात के लिए खोलने के प्रयास में जुटी हुई है।
अधिकारियों के मुताबिक मलबा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। यदि बारिश के कारण दोबारा मलबा नहीं आया तो दोपहर तक मार्ग को यातायात के लिए खोलने की संभावना है। हालांकि पहाड़ी क्षेत्र में बारिश जारी रहने की स्थिति में मार्ग दोबारा बाधित होने का खतरा भी बना हुआ है।
मार्ग बंद होने से स्थानीय ग्रामीणों के साथ ही स्कूली बच्चों, कर्मचारियों और जरूरी काम से ऋषिकेश आने-जाने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। यमकेश्वर क्षेत्र के कई गांवों के लिए यह मार्ग ऋषिकेश से संपर्क का प्रमुख माध्यम है। ऐसे में सड़क बंद होने से ग्रामीणों की रोजमर्रा की गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान पहाड़ी मार्गों पर मलबा आने की घटनाएं लगातार बढ़ जाती हैं। कई स्थानों पर सड़क के किनारे पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने तथा बारिश के दौरान मशीनरी को तैनात रखने की मांग की है, ताकि मार्ग बाधित होने पर उसे जल्द से जल्द खोला जा सके।
लोक निर्माण विभाग की ओर से फिलहाल मलबा हटाने का काम जारी है। विभागीय अधिकारियों ने वाहन चालकों से मार्ग खुलने तक वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने और अनावश्यक जोखिम न लेने की अपील की है। मार्ग खुलने के बाद भी पहाड़ से मलबा गिरने की आशंका को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

Parvatanchal