सबक: डाक विभाग में फर्जी दस्तावेज से नौकरी हासिल करने की कोशिश पर दो साल की कैद

सबक: डाक विभाग में फर्जी दस्तावेज से नौकरी हासिल करने की कोशिश पर दो साल की कैद
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चमोली(आरएनएस)।  भारतीय डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) के पद पर फर्जी दस्तावेजों के जरिये नौकरी हासिल करने की कोशिश करने वाले बुलंदशहर निवासी व्यक्ति को अदालत ने दोषी करार दिया है। न्यायालय सिविल जज (सीडि)/एसीजेएम कर्णप्रयाग, नदीम अहमद की अदालत ने अभियुक्त पुष्पेंद्र कुमार को बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत दो-दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 11,000 रुपये का अर्थदंड लगाया।6 सितंबर 2024 को एक युवक ने आशीष पंत नाम से सैंजी, गैरसैंण शाखा डाकघर में सहायक शाखा डाकपाल के पद के लिए अपनी हाईस्कूल अंकतालिका और पहचान पत्र सत्यापन के लिए कर्णप्रयाग डाकघर में दिए। डाक निरीक्षक प्रशांत ने जब ऑनलाइन पोर्टल पर जांच की गई तो पता चला कि अभ्यर्थी ने अपना असली नाम पुष्पेन्द्र कुमार बदलकर आशीष पंत कर लिया था। जांच अधिकारी की ओर से सीबीएसई स्कूल रिकॉर्ड से सत्यापन कराने पर अंकतालिका पर लगी मोहर व हस्ताक्षर फर्जी मिले। अदालत ने विभिन्न साक्ष्यों के आधार पर पुष्पेंद्र कुमार को झूठी पहचान बताकर धोखाधड़ी, डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स व दस्तावेजों की जालसाजी, कूटरचित या जाली दस्तावेज को असली के रूप में उपयोग करने सहित अन्य मामलों में दोषी माना और दो साल की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ साथ चलेंगी।

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