अनदेखी: आराकोट क्षेत्र में 22 पंचायतों के 35 गांवों की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल, लोग परेशान

अनदेखी: आराकोट क्षेत्र में 22 पंचायतों के 35 गांवों की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल, लोग परेशान
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उत्तरकाशी(आरएनएस)।  हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे उत्तरकाशी जिले के आराकोट बंगाण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली लगातार गंभीर होती जा रही है। आराकोट और टिकोची के सरकारी अस्पताल लंबे समय से चिकित्सकों एवं आवश्यक कर्मियों की कमी से जूझ रहे हैं। इसका सबसे अधिक खामियाजा क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को उठाना पड़ रहा है।जिला मुख्यालय उत्तरकाशी से करीब 207 किलोमीटर दूर स्थित दुर्गम क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। टिकोची एलोपैथिक अस्पताल में केवल एक चिकित्सक तैनात है जबकि वार्ड बॉय, स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट के पद भी खाली हैं। वहीं टिकोची से लगभग 22 किलोमीटर दूर आराकोट के अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में केवल फार्मासिस्ट की तैनाती है और चिकित्सक सहित अन्य स्टाफ का अभाव है।क्षेत्र की लगभग 22 ग्राम पंचायतों के करीब 35 गांवों के लोगों के लिए सामान्य उपचार से लेकर प्रसव जैसी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं भी बड़ी चुनौती बनी है। विशेषज्ञ महिला चिकित्सक की अनुपलब्धता के कारण प्रसव पीड़िताओं को मजबूरी में 15 किलोमीटर दूर त्यूणी, करीब 32 किलोमीटर दूर रोहड़ू, 42 किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोरी या फिर 82 किलोमीटर दूर उपजिला चिकित्सालय पुरोला ले जाना पड़ता है।सामाजिक कार्यकर्ता मनमोहन चौहान, राजेंद्र चौहान, नरेश सिंह व राजेंद्र नौटियाल का कहना है कि आज तक टिकोची और आराकोट अस्पतालों में महिला विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हो सकी है। आपात स्थिति में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को निजी वाहनों के सहारे लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरसी आर्य ने बताया कि टिकोची चिकित्सालय में वर्तमान में एक चिकित्सक तैनात है। आराकोट अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सक का लगभग एक माह पूर्व स्थानांतरण हो गया था जिसके बाद अभी तक नए चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।

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