दुश्वारियां: सीएचसी में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी, डॉक्टरों व दवाओं की कमी बनी चुनौती
नौगांव। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव में इन दिनों वायरल बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पताल में रोजाना करीब 15 से 20 मरीज बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। टाइफाइड के लक्षण वाले मरीजों को चिकित्सकीय निगरानी में भर्ती किया जा रहा है। स्वास्थ्य केंद्र के अनुसार इस माह अब तक करीब 150 से 200 मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि, अधिकांश मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।
एक डॉक्टर के भरोसे स्वास्थ्य केंद्र
सीएचसी नौगांव में चिकित्सकों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है। अस्पताल फिलहाल एक डॉक्टर और संविदा कर्मचारियों के भरोसे संचालित हो रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं होने से मरीजों को उपचार के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। गंभीर अथवा विशेषज्ञ परामर्श की जरूरत वाले मरीजों को अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ता है।
दवाओं के लिए भी बाहर का सहारा
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त संसाधन और दवाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण कई बार मरीजों को बाहर से दवाइयां मंगानी पड़ती हैं। बरसात के मौसम में जब बुखार और संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे समय में अस्पताल में पर्याप्त दवाओं और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता जरूरी है।
पांच दिन बाद मरीजों को किया जा रहा डिस्चार्ज
टाइफाइड की शिकायत वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार सामान्य स्थिति में करीब पांच दिन के उपचार के बाद मरीजों को डिस्चार्ज किया जा रहा है। डॉ. हरदेव पंवार ने बताया कि बरसात के मौसम में वायरल बुखार के मामले बढ़ना सामान्य है। लोगों को इस दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।
ठंडे पानी और चीजों से परहेज की सलाह
डॉ. पंवार ने लोगों को फ्रिज का ठंडा पानी, अत्यधिक ठंडी चीजों और ठंडे पानी से नहाने से परहेज करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
विशेषज्ञ डॉक्टर बढ़ाने की मांग
सीएचसी नौगांव क्षेत्र की बड़ी आबादी के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। इसके बावजूद चिकित्सकों और संसाधनों की कमी स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने, विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती करने और पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बरसात में मरीजों की संख्या बढ़ने के दौरान स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाना जरूरी है।

