विवाद: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा राम मंदिर दान चोरी का मामला, कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की उठाई मांग
अयोध्या/ नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर से दानराशि चोरी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र याचिका भेजकर इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट के वकील अनूप अवस्थी ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र याचिका भेजकर यह जांच की मांग की. पत्र याचिका में श्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या में दान-चढ़ावे की हेराफेरी से जुड़े आरोपों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की गई है. पत्र याचिका में कहा गया है कि लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए मुकदमा दर्ज कर एक स्वतंत्र और कोर्ट की निगरानी में जांच के लिए निर्देश जारी किया जाए.
मालूम हो कि बीते दिनों समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का आरोप लगाया था. जिसके बाद यूपी की राजनीति गरमाई. अब मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) के गठन की बात सामने आई है. राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एसआईटी गठित किए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे अहम कदम बताया.
अयोध्या के सर्किट हाउस में नृपेंद्र मिश्र ने कहा, ‘एसआईटी का गठन सरकार की तत्परता को दिखाता है और यह एक अहम कदम है’. दूसरी ओर फैजाबाद से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने जांच पूरी होने तक न्यास के सभी मौजूदा सदस्यों को हटाए जाने की यह कहते हुए मांग की कि वे ”जांच को प्रभावित करेंगे. प्रसाद ने राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी पर अविश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों द्वारा कराई जानी चाहिए.

