‘दूल्हा हत्याकांड’: दो आरोपियों की जमानत याचिका जिला न्यायालय से खारिज
जौनपुर। शादी के जश्न के बीचो-बीच दूल्हे की सरेआम हत्या कर सनसनी फैलाने के आरोपियों को अदालत से बड़ा झटका लगा है। ज्ञात हो कि खेतासराय थाना क्षेत्र के बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाले ‘दूल्हा हत्याकांड’ में जिला जज सुशील कुमार शशि ने जुर्म की खौफनाक गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी शोले राजभर (निवासी शैफपुर, सरायख्वाजा) और विकास यादव (निवासी मोजीपुर, खुटहन) की जमानत याचिका को सिरे से खारिज (निरस्त) कर दिया है।यह महज एक अपराध नहीं, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार को ताउम्र का दर्द देने वाली खूनी साजिश थी। अभियोजन पक्ष की ओर से दमदार पैरवी करते हुए डीजीसी फौजदारी लाल बहादुर पाल ने कोर्ट के सामने इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात की परत दर परत खोली।मृतक आजाद बिंद की शादी सोनी बिंद से तय हुई थी। दोनों एक-दूसरे से प्यार करते थे और अपनी नई जिंदगी के सपने बुन रहे थे। लेकिन सोनी के रिश्तेदार प्रदीप बिंद को यह मोहब्बत और शादी मंजूर नहीं थी। प्रदीप ने आजाद को फोन पर सीधे मौत की धमकी दी थी कि “अगर शादी करने आए, तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना।” बीती 1 मई को जब आजाद दूल्हा बनकर, माथे पर सेहरा सजाए कार से अपनी बारात लेकर बीबीपुर जमदहा जा रहा था, तभी रास्ते में मौत घात लगाए बैठी थी। मनेछा बादशाही मंदिर के पास पहुंचते ही बाइक सवार बदमाशों ने दूल्हे की कार को घेरा और अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। जिस आजाद को घोड़ी चढ़कर दुल्हन के द्वार जाना था, उसकी लाश खून से लथपथ कार में पड़ी रह गई। शादी की शहनाइयां पल भर में चीख-पुकार और मातम में बदल गईं।

