आक्रोश: लालढांग- चिलरखाल मार्ग निर्माण को लेकर 169वें दिन भी आंदोलन जारी, प्रदर्शन

आक्रोश: लालढांग- चिलरखाल मार्ग निर्माण को लेकर 169वें दिन भी आंदोलन जारी, प्रदर्शन
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कोटद्वार। भाबर के चिल्लरखाल में लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग निर्माण को लेकर 169वें दिन भी आंदोलन जारी रहा। इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जीएमओयू के यात्री बसों व अन्य सार्वजनिक सेवाओं पर आए संकट को लेकर लोगों ने चिंता जताई। आंदोलनकारियों का कहना है कि आंदोलन के 169 दिन बीत जाने के बाद आज तक भी सभी प्रकार के वाहनों के सुचारू रूप से संचालन के लिए एलिवेटेड रोड का रास्ता साफ नहीं हो पाया है। सुप्रीम कोर्ट के 12 फरवरी को आए आदेश से जनता में भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कहा कि हालिया आदेश से लालढांग मार्ग पर व्यावसायिक वाहनों के संचालन पर संकट मंडराने लगा है। यह मार्ग क्षेत्रीय जनता की लाइफ लाइन है। कहा कि एक ओर देश में बड़े-बड़े एलिवेटेड रोड वन क्षेत्रों से गुजर रहे हैं, वहीं कोटद्वार गढ़वाल एवं लालढांग की जनता की मात्र 11.5 किमी से भी कम दूरी का मार्ग सरकार नहीं बनवा पा रही है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद श्रेय लेने वाले भाजपा विधायक ऋतु खंडूड़ी, सांसद अनिल बलूनी व अन्य पर भी आंदोलनकारियों की भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया गया। धरना देने वालों में हरेंद्र भंडारी, नरेश धस्माना, गणेश रावत, नारायण सिंह, धीरेंद्र सिंह, शिव सिंह रावत, हेमा नेगी, सीमा, विनीता देवी, रेखा देवी, यशोदा देवी शामिल थे।

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