दुष्प्रभाव: पछुवादून क्षेत्र में घना कोहरा छाने से यातायात प्रभावित, कड़ाके की ठंड बढ़ने से बढ़ी दिक्कतें

दुष्प्रभाव: पछुवादून क्षेत्र में घना कोहरा छाने से यातायात प्रभावित, कड़ाके की ठंड बढ़ने से बढ़ी दिक्कतें
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विकासनगर। गलन भरी पछुआ हवाओं के साथ ठंड का मौसम पूरे रंग में है। सुबह- शाम कोहरे और ठिठुरन के कारण दिन में हो रही गुनगुनी धूप भी गलन से राहत नहीं दे रही है। बुधवार सुबह पूरे पछुवादून क्षेत्र में घना कोहरा छाया रहा। इससे कड़ाके की ठंड बढ़ गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 137 दर्ज किया गया। इसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। घने कोहरे के कारण दृश्यता कम रही। इससे वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हुई। चालकों ने सावधानी बरतते हुए फॉग लाइट और हेड लाइट जलाकर वाहन चलाए। दृश्यता इतनी कम थी कि 20 मीटर से आगे कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। इससे सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई।
कोहरे के कारण सुबह की सैर करने वाले, स्कूल जाने वाले बच्चे और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। चिकित्सकों ने बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। सड़कों के किनारे और गरीब बस्तियों में मजदूर वर्ग अलाव के सहारे रहा। दिसंबर माह की शुरुआत में रोजाना सुबह धूप निकल रही थी। अब शीतलहर ने रंग दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार को विकासनगर में अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तड़के चार बजे से नौ बजे तक पछुवादून क्षेत्र कोहरे के आगोश में रहा। सुबह सड़कों पर वाहन रेंगते दिखाई दिए। हालांकि, दिसंबर माह का दूसरा पखवाड़ा शुरू हो जाने के बावजूद अब तक पछुवादून से लेकर जौनसार बावर तक बारिश नहीं हुई है। बारिश न होने से फसलें चौपट होने के कगार पर हैं। बारिश न होने पर पूरे मैदानी क्षेत्र से लेकर पहाड़ी क्षेत्र में कडाके की ठंड पड़ रही है। मैदानी क्षेत्र में कोहरा छा रहा है।

सेहत पर कोहरे का प्रभाव
बढ़ती सर्दियों के साथ बढ़ता कोहरा सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। कोहरे के साथ प्रदूषण सेहत पर बुरा असर डालता है। इससे खांसी, अस्थमा, फेफड़ों में संक्रमण और आंखों में जलन की समस्या होती है। उप जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. टीएस डुंगरियाल के अनुसार बढ़ता कोहरा अस्थमा के मरीजों के लिए परेशानी बढ़ाता है। कोहरे में मौजूद एयर पॉल्यूटेंट फेफड़ों के संक्रमण का कारण बन सकते हैं। कोहरा सांस लेने में परेशानी के साथ घुटन भी महसूस करा सकता है। वहीं एआरटीओ अनिल नेगी ने इस मौसम में सुरक्षित वाहन संचालन के सुझाव भी दिए हैं।

कोहरे से ऐसे करें बचाव
कोहरा होने पर घर से बाहर निकलने से पहले मास्क लगाएं
अधिक कोहरा होने पर सुबह मॉर्निंग वॉक पर जाने से बचें
वेजिटेबल व चिकन सूप से इम्युनिटी बूस्ट करने में मदद मिल सकती है
बढ़ते कोहरे के साथ एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल सेहत के लिए फायदेमंद है
शारीरिक गतिविधियां और व्यायाम भी इम्युनिटी को बूस्ट करके कोहरे से बचाव कर सकते हैं

एआरटीओ अनिल नेगी के अनुसार यह रखें ध्यान
यात्रा करें तो वाहन धीमी गति से चलाएं।
एसी का प्रयोग न करें, हल्का हीटर चलाकर उसकी हवा विंडस्क्रीन की ओर रखें।
वाहन की खिड़की थोड़ी खुली रखें ताकि वाष्प बाहर निकलती रहे।
कांच को हाथ से साफ न करें, सूखे कपड़े या माइक्रोफाइबर क्लॉथ का प्रयोग करें।
हेडलाइट लो-बीम पर रखें, दिन में भी जरूरत पड़ने पर लाइट ऑन रखें।
घने कोहरे में हैजार्ड लाइट का प्रयोग करें।
आगे-पीछे चल रहे वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
ओवरटेक न करें, सड़क किनारे खड़े वाहनों से सतर्क रहें।
दो लेन सड़क पर बाईं ओर चलें, बीच सड़क में वाहन न चलाएं।
निजी वाहनों में लाल रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगाएं, व्यावसायिक वाहनों में यह अनिवार्य है।

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