शाबाश: अपनी जान पर खेलकर महिला को गुलदार के जबड़ों से बचा लाया अंकित सिंह कंडारी

शाबाश: अपनी जान पर खेलकर महिला को गुलदार के जबड़ों से बचा लाया अंकित सिंह कंडारी
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एअरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश पहुंचायी गई हमले में गंभीर रूप से घायल महिला

पौड़ी। बुधवार को पोखड़ा ब्लाक के देवराड़ी में गांव की महिलाओं के साथ घास काट रही महिला पर गुलदार ने हमला कर गंभीर घायल कर दिया। घायल महिला को पोखड़ा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के बाद सतपुली हंस फाउंडेशन अस्पताल लाया गया। बाद में डीएम पौड़ी ने महिला को यहां से एयर लिफ्ट करवाया। गुलदार के हमले में महिला की गर्दन पर गहरे घाव आए हैं। गुलदार के इस हमले के बाद पोखड़ा में फिर गुलदार की दहशत बन गई है। पोखड़ा ब्लाक के देवराड़ी गांव में बुधवार को सुबह करीब साढ़े 10 बजे गुलदार ने गांव के चन्दोड़ा तोक में गांव की अन्य आठ-दस महिलाओं के साथ घास काट रही कंचन सिंह 36 साल पत्नी अर्जुन सिंह पर हमला कर दिया। इस बीच यहां से गुजर रहे गांव के युवक अंकित सिंह कंडारी और जयदीप सिंह कंडारी ने गुलदार के चंगुल से महिला को बचा लिया। घायल महिला को पोखड़ा स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए लाया गया। यहां से हंस फाउंडेशन अस्पताल सतपुली रेफर किया गया। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के निर्देश और जनप्रतिनिधियों के अनुरोध पर डीएम पौड़ी स्वाति एस भदौरिया ने घायल महिला को एम्स के लिए एयर लिफ्ट करवाया।
साहसी अंकित कंडारी ने गुलदार से छुड़ाया कंचन को
बुधवार को पोखड़ा ब्लाक की कंचन को गुलदार के चंगुल से गांव के ही युवक अंकित सिंह कंडारी ने अपनी जान की परवाह न करते हुए बचाया। अंकित कंडारी ने बताया कि वह अपने बड़े भाई के साथ संगलाकोटी बाजार जा रहे थे। तभी देखा कि गांव से सटे चंदोड़ा तोक में ऊपर घास काट रही महिलाएं शोर मचा रही हैं। शोर सुनते ही वह उस तरफ भागे। जब मौके पर पहुंचे तो देख कर सन्न रह गए। गुलदार महिला को घसीटे जा रहा था। गुलदार पर दूर से काफी पत्थर फेंके गए, लेकिन गुलदार ने महिला को नहीं छोड़ा, तो फिर उसने बिल्कुल पास ही जाकर महिला को गुलदार के चंगुल से छुड़ाया। अंकित कंडारी ने बताया कि महिला गुलदार की डर से काफी घबरा गई थी। पीछे से आ रहे बड़े भाई जयदीप सिंह कंडारी ने भी उनकी मदद की तब जाकर महिला को गुलदार से बचाया जा सका। कंचन गांव की ही अन्य 10-12 महिलाओं के साथ घास काट रही थी, लेकिन ये महिलाएं आस-पास में कुछ दूरी पर थीं।

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