आवाज़: मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर जागरूकता मंच का एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन

आवाज़: मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर जागरूकता मंच का एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन
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आठ सूत्रीय मांगों को लेकर 15 जनवरी से करेंगे भूख हड़ताल

जंगली जानवरों के आतंक से भागने को मजबूर ग्रामीण; सड़क, पानी, शिक्षा व्यवस्था भी बदहाल

रुद्रप्रयाग। भरदार क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही पेयजल, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर भरदार जागरूकता मंच के पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान चेतावनी दी गई कि यदि जल्द ही मांगों पर कार्यवाही नहीं की गई तो 15 जनवरी से भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
सोमवार को भरदार जागरूकता मंच के बैनर तले सुबह दस बजे करीब ग्रामीण जनता जिला कलक्ट्रेट पहुंची और यहां जोरदार प्रदर्शन कर धरना शुरू किया। ग्रामीणों ने जोर-जोर से सरकार और शासन-प्रशासन अलावा क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। कहा कि आठ सूत्रीय मांगों को लेकर लगातार लम्बे समय से संघर्ष किया जा रहा है, मगर अब कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है, जिस कारण ग्रामीणों को मजबूरन ऐसे कदम उठाने पड़ रहे हैं।
धरना स्थल पर जिले के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे और मंच के पदाधिकारियों से विस्तृत वार्ता की। अधिकारियों ने सभी मुद्दों को प्राथमिकता देने और शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने स्वयं धरना स्थल पर पहुंचकर मंच के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की और एक माह के अंदर सभी समस्याओं के समाधान का ठोस भरोसा दिलाया।
मंच के अध्यक्ष एलपी डिमरी ने कहा कि भरदार क्षेत्र को हमेशा से उपेक्षित रखा गया है। जनप्रतिनिधि अपनी ठेकेदारी और निजी स्वार्थ में व्यस्त हैं। जनता की पुकार कोई नहीं सुन रहा। अगर अब भी प्रशासन जागा नहीं तो हमें सड़क पर उतरना पड़ेगा। कहा कि जंगली जानवरों के आतंक से ग्रामीणों में त्राहिमाम-त्राहिमाम जैसी स्थिति बनी हुई है। सबसे ज्यादा नुकसान ग्रामीण महिलाओं का हो रहा है। वे झुंड बनाकर जंगलों में जा रही हैं तो बच्चे भी थाली बजाकर निकल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़क, पेयजल की समस्या भी क्षेत्र में बनी हुई है।
मंच के महासचिव भगत सिंह चौहान ने कहा कि वर्षों से पेयजल संकट, खस्ताहाल सड़कें, स्कूलों में शिक्षकों की कमी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों व स्टाफ की भारी कमी जैसी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। धरने के बाद लोगों में उम्मीद जगी है, लेकिन साथ ही यह संदेश भी साफ है कि अब धैर्य जवाब दे रहा है। आने वाले एक माह में प्रशासन इन मांगों पर कितना अमल करता है, इस पर पूरे भरदार क्षेत्र की नजरें टिकी हैं।
उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि अगर शासन-प्रशासन ने हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया और एक माह में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 15 जनवरी 2026 से भरदार जागरूकता मंच अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन एवं भूख हड़ताल शुरू करेगा। इसके लिए पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
धरने में मंच के संरक्षक रघुबीर सिंह बागड़ी, बांसी के प्रधान देवेंद्र सिंह धनाई, माल्यासु के प्रधान अमर सिंह कप्रवाण, उदेश डिमरी, नवीन सिंह रावत, प्रवीण सिंह रावत, गबर सिंह रावत, संजय सिंह पंवार, अंकित सिंह राणा, अरविंद व संदीप कोठारी सहित क्षेत्र के कई लोग मौजूद थे।

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