उल्लास: पर्यटकों को बहुत भा रही हैं हर्षिल की हसीन वादियां, ठंडी हवाओं का ले रहे आनंद
उत्तरकाशी(आरएनएस)। उत्तरकाशी का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हर्षिल इन दिनों पर्यटकों से गुलजार है। मैदानी क्षेत्रों में पड़ रही भीषण गर्मी से बचने के लिए पर्यटक यहां बड़ी संख्या में उमड़ रहे हैं और उन्हें हर्षिल की हसीन वादियां भा रही है। विशेष रूप से सप्ताहांत पर देशी-विदेशी पर्यटकों के अच्छी तादात में पहुंचने से होटल व होमस्टे व्यवसायियों के चेहरे खिले हुए हैं। जिला मुख्यालय से करीब 80 किमी की दूरी पर स्थित हर्षिल उत्तरकाशी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। भागीरथी नदी के किनारे देवदार के पेड़ों के बीच सुंदर घाटी में बसे हर्षिल में वर्षभर पर्यटक पहुंचते हैं। यहां ग्रीष्मकाल में भी तापमान ज्यादा नहीं रहता है।दोपहर दो बजे बाद चलने वाली ठंडी हवाओं के झोंके पर्यटकों को ताजगी का अहसास कराते हैं। यही वजह है कि इनों जहां मैदानी क्षेत्रों में झुलसा देने वाली गर्मी पड़ रही है। वहीं, हर्षिल में अधिकतम तापमान 11 से 12 और न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। इस कारण मैदानी क्षेत्रों में पड़ रही भीषण गर्मी से बचने के लिए भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। पर्यटन व्यवसायी सुंदर सिंह, दिनेश रावत, माधवेंद्र रावत, राजीव आदि ने बताया कि हर्षिल में सप्ताहांत पर दो से तीन हजार तक पर्यटक पहुंच रहे हैं। पहले 15 जून के बाद पर्यटकों की संख्या में गिरावट आती थी, लेकिन इस बार जून अंत तक भी अच्छी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं, जिसके चलते कईयों को हर्षिल में होटल व होमस्टे भी नहीं मिल पा रहे हैं। इस कारण हर्षिल के साथ मुखबा, धराली व सुक्की व झाला आदि में भी पर्यटक ठहर रहे हैं, जिससे लगभग पूरी घाटी इन दिनों से पर्यटकों से गुलजार नजर आ रही है।
बगोरी भी हो रहा पर्यटकों से पैक:
हर्षिल के निकट स्थित जाड़ समुदाय बहुल बगोरी गांव भी पर्यटकों से पैक हो रहा है। हर्षिल के होटल व होमस्टे में जगह नहीं मिलने पर पर्यटक बगोरी का भी रूख कर रहे हैं।
बगोरी के पूर्व प्रधान भवान सिंह ने बताया कि बगोरी में जाड़ समुदाय के लोगों के द्वारा होमस्टे का संचालन किया जा रहा है। यहां सेब बगीचों के आसपास बने होमस्टे पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

