दुश्वारियां:  इस गांव में गहराया पेयजल संकट, विभाग की अनदेखी से सफेद हांथी बनी पेयजल योजना

दुश्वारियां:  इस गांव में गहराया पेयजल संकट, विभाग की अनदेखी से सफेद हांथी बनी पेयजल योजना
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विकासनगर। पछुवादून के सीमांत गांव टिमली में इन दिनों पेयजल संकट गहराया हुआ है। सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के इस गांव में जल जीवन मिशन की योजना भी पांच हजार की आबादी की प्यास नहीं बुझा पा रही है। योजना के तहत बिछाई गई नई पेयजल लाइन और ओवरहेड टैंक सफेद हाथी साबित हो रहा है। बुधवार को ग्रामीणों ने जल संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि बीते चार माह से पेयजल संकट गहराया हुआ है। गांव में पहले से मौजूद दो ट्यूबवेल भी पानी की आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। कई घरों में पानी की सप्लाई ठप है। कुछ घरों में नलों से बूंद-बूंद पानी टपकता है। मजबूरी में लोग टैंकरों से पानी खरीदने या गांव से दूर उत्तर प्रदेश की सीमा से पानी की आपूर्ति कर हलक तर कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे क्षेत्र पंचायत सदस्य सोनू धानिया ने बताया कि गांव में करोड़ों की लागत से जल जीवन मिशन योजना के तहत नई पेयजल लाइन बिछाई गई। कई ओवरहेड टैंक बनाए गए। नई पेयजल लाइन का कुछ हिस्सा वन विभाग की जमीन से होकर गुजरता है। वन विभाग की ओर से लाइन बिछाने के लिए स्वीकृति नहीं मिलने के कारण जल जीवन मिशन योजना का काम बीते दो साल से पूरा नहीं हो पाया है। वहीं पुरानी पेयजल लाइन और नलकूप जर्जर हो चुके हैं। पुरानी लाइन के क्षतिग्रस्त होने से गांव में पीने के पानी की किल्लत है। ग्रामीणों ने कहा कि हम दिन-रात पानी के लिए भटक रहे हैं। नई लाइन बिछाने का काम पूरा होने तक पुरानी पेयजल लाइनों की मरम्मत की जानी चाहिए ताकि गांव में पीने के पानी की पर्याप्त आपूर्ति हो सके। बताया कि गांव में नल सूखे होने के कारण पीने के पानी के लिए ग्रामीणों को हर दिन पांच किमी दूर उत्तर प्रदेश की सीमा में जाना पड़ रहा है। प्रदर्शन करने वालों में आशिक, जलील, फारूक, इशफाक, कादिर, मुश्ताक, दिलशाद, सद्दाम, शाहरुख, सेवाराम, असगर, कामिल, शराफत, साजिद, सलीम, ज़ाहिद और शिवचरण आदि शामिल रहे।

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