समापन: श्री भोले जी महाराज के पावन जन्मोत्सव पर जनकल्याण समारोह सम्पन्न

समापन: श्री भोले जी महाराज के पावन जन्मोत्सव पर जनकल्याण समारोह सम्पन्न
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माताश्री मंगला जी ने दिलाया अध्यात्म ज्ञान प्रचार और मानव सेवा का संकल्प

नि:शुल्क चिकित्सा शिविर से 3000 लोगों ने उठाया लाभ

बी.के.त्यागी
नई दिल्ली।‌ आध्यात्मिक गुरु एवं द हंस फाउंडेशन के प्रेरणास्रोत श्री भोले जी महाराज का पावन जन्मोत्सव श्री हंसलोक आश्रम, दिल्ली में बड़ी ही श्रद्धा, प्रेम और भक्तिभाव के साथ मनाया गया।

हंस ज्योति-ए यूनिट आफ हंस कल्चरल सेंटर द्वारा आयोजित दो दिवसीय जनकल्याण समारोह में देश के अनेक धर्माचार्यों, विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक तथा राजनैतिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों एवं गणमान्य लोगों ने श्री भोले जी महाराज को उत्तम स्वास्थ्य, यशस्वी एवं दीर्घायु होने की शुभकामनाएं दीं।

आध्यात्मिक विभूति माता श्री मंगला जी ने समारोह में उपस्थित हजारों श्रद्धालु-भक्तों और संत महात्माओं को अध्यात्म ज्ञान के प्रचार, परोपकार और मानव सेवा का संकल्प दिलाया। उन्होंने गुरु नानकदेव की वाणी को उद्धृत करते हुए कहा कि जो स्वयं भी भगवान के सच्चे नाम को जानकर उसका सुमिरण करता है और दूसरों को भी ज्ञान के मार्ग पर लगाता है, उसकी मुक्ति निश्चित है, इसमें कोई संशय नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया में केवल भगवान का भक्त ही सुखी है, बाकी सारा संसार दुखी है।

माताश्री मंगला जी ने सभी भक्त समाज और संत-महात्माओं की ओर से श्री भोले जी महाराज को यशस्वी और दीर्घायु होने की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने योगीराज श्री हंस जी महाराज एवं माता श्री राजेश्वरी देवी की प्रतिमा के समक्ष नतमस्तक होकर प्रार्थना करते हुए कहा कि आप श्री भोले जी महाराज को अपनी शक्ति और आशीर्वाद प्रदान करें जिससे वे स्वस्थ रहकर निरंतर अध्यात्म ज्ञान प्रचार तथा जनकल्याण के कार्य करते रहें।

माता श्री मंगला जी ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय है। इसमें सत्संग तथा भजन-सुमिरण करने से भक्त को मनोवांछित फल मिलते हैं। उन्होंने कहा कि श्री भोले जी महाराज सरल, सौम्य और मृदुभाषी स्वभाव के हैं। उनका भोलापन और सादगी अनायास ही लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर लेती है। उन्होंने कहा कि श्री भोले जी महाराज के मार्गदर्शन में द हंस फाउंडेशन, हंस कल्चरल सेंटर तथा श्री हंसलोक जनकल्याण समिति द्वारा देश के अनेक राज्यों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण आदि समाज सेवा के कार्य किये जा रहे हैं।

समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आये अनुभवी संत-महात्माओं ने भी सत्संग विचारों से श्रद्धालु-भक्तों को आत्मलाभ प्रदान किया‌। सुप्रसिद्ध भजन गायकों ने भक्तिभाव से जुड़े भजन और बधाई गीत प्रस्तुत श्रद्धालु-भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौक़े पर संस्था के अनुभवी डाक्टरों के मार्गदर्शन में निःशुल्क चिकित्सा शिविर भी लगाया गया, जिसमें 3000 लोगों ने स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया। समारोह में श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारा का भी आयोजन किया गया।

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