हाईकोर्ट: लैंड फ्रॉड मामले में आरोपित कांग्रेस नेता सूरत सिंह नेगी को मिली राहत
गिरफ्तारी पर रोक, सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश; अगली सुनवाई 16 सितंबर को
देहरादून। लैंड फ्रॉड से जुड़े मामले में आरोपित कांग्रेस नेता सूरत सिंह नेगी को उत्तराखंड हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। न्यायालय ने संबंधित एफआईआर में उनकी गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तक रोक लगाते हुए सरकार को तीन सप्ताह के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर 2026 को होगी।
मामला देहरादून के रायपुर थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 338/2026 से संबंधित है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4), 336(2), 338 और 340(2) के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं। शिकायत कलेक्शन अमीन की ओर से किए जाने की बात सामने आई है।
कुर्क जमीन की बिक्री का लगाया गया था आरोप
मामले में आरोप है कि खाता संख्या 170 और खसरा संख्या 289/1 के एक-चौथाई हिस्से पर कुर्की का आदेश होने के बावजूद याचिकाकर्ता की ओर से कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उक्त भूमि की बिक्री की गई।
इसी आधार पर पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी की आशंका के बीच सूरत सिंह नेगी की ओर से हाईकोर्ट का रुख किया गया।
याचिकाकर्ता के वकील ने आरोपों पर उठाया सवाल
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता भूपेश कांडपाल ने न्यायालय के समक्ष पक्ष रखते हुए कहा कि कुर्की के बाद याचिकाकर्ता ने कोई बैनामा नहीं किया है और यह बात रिट याचिका में स्पष्ट रूप से कही गई है।
बताया गया कि पिछली सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सरकार से इस संबंध में स्पष्ट निर्देश लेकर आने को कहा था कि आखिर कुर्की के बाद कथित रूप से कोई बैनामा हुआ भी था या नहीं।
सरकार नहीं बता पाई कि कुर्की के बाद हुआ बैनामा
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कथित बिक्री/बैनामे को लेकर ऐसी स्थिति स्पष्ट नहीं की जा सकी, जिससे यह साबित हो कि कुर्की के बाद वास्तव में याचिकाकर्ता द्वारा कोई बैनामा किया गया था।
न्यायालय ने प्रथम दृष्टया मामले को ऐसा माना कि इसमें आगे गहराई से सुनवाई की आवश्यकता है। इसके बाद सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया गया।
अगली तारीख तक गिरफ्तारी पर रोक
हाईकोर्ट ने सूरत सिंह नेगी को अंतरिम राहत देते हुए निर्देश दिया है कि 16 सितंबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई तक उन्हें इस एफआईआर में गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, बशर्ते वे जांच में सहयोग करें।
अब सरकार के काउंटर एफिडेविट और उसके बाद होने वाली सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि कथित भूमि बिक्री और कुर्की के आदेश के उल्लंघन से जुड़े आरोपों पर न्यायालय का रुख क्या रहता है।
बेटी आकांक्षा नेगी बोलीं—सत्य की हमेशा जीत होती है
हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद सूरत सिंह नेगी की बेटी आकांक्षा नेगी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सत्य की हमेशा से जीत होती आई है। उन्होंने न्यायालय पर भरोसा जताते हुए कहा कि आगे भी उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है।
फिलहाल न्यायालय ने मामले के आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। गिरफ्तारी पर मिली राहत अंतरिम प्रकृति की है और अगली सुनवाई में सरकार के जवाब तथा मामले के अन्य तथ्यों पर न्यायालय आगे विचार करेगा।

