सराहनीय: खत शैली के 25 गांव में विवाह समारोह में शराब व फास्ट फूड पर पूर्ण लगा प्रतिबंध
विकासनगर। जौनसार-बावर की खत शैली के 25 गांव में विवाह, मेहंदी, चूड़ाकर्म, शाही बधाई आदि समारोह में अंग्रेजी शराब-बीयर और फास्ट फूड पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। नियम का उल्लंघन करने पर संबंधित परिवार पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ उनके कार्यक्रम का बहिष्कार किया जाएगा। गुरुवार को दोहा गांव में सदर स्याणा राजेन्द्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में हुई ग्रामीणों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में खत शैली के सभी गांवों के सदस्य शामिल हुए। जिसमें सर्वसम्मति से कई निर्णय लिए गए। इनमें मुख्य रूप से निर्णय लिया गया कि खत शैली के प्रत्येक गांव में विवाह, मेहंदी, चूड़ाकर्म, शाही बधाई आदि समारोह में अंग्रेजी शराब पर पूर्ण से रूप से प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा फास्ट फूड जैसे चाऊमीन, मोमो, टिक्की आदि पर भी प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा शादी में मामा की ओर से बकरा, आटा, चावल दिया जाएगा। विवाहित बेटी की ओर से दिया जाने वाला बकरा पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। रायणी भोज में भी मिठाई एवं फल दिए जा सकते हैं। ड्राई-फ्रूट्स एवं गिफ्ट पैकेट नहीं दिए जाएंगे। साथ ही उपहार स्वरूप चांदी का सिक्का देना भी नहीं दिया जाएगा। जो परिवार इन सभी नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके कार्यक्रम में खतवासी शामिल नहीं होंगे। साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला जाएगा। शादी समारोह में महिलाएं पहनेंगी तीन गहने बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि समारोह में महिलाएं केवल तीन गहने ही पहनेंगी। इसमें नाक में फूली, कान में झुमकी या तूंगल, गले में कांडुडी या मंगलसूत्र शामिल है। यह प्रतिबंध रायणी भोज में भी लागू होगा। खत शैली के 25 गांवों में यह सभी निर्णय लागू होंगे। जिसमें मुख्यतः मागटी, नगऊ, क्यावा, हयो, दोउ, दोहा, छूटऊ, मटियावा, बजऊ, कैत्री, घिंगौऊ, कुनावा, बजऊ आदि शामिल हैं। ग्राम पंचायत कंधाड़ और खारसी में भी लिया गया था निर्णय चकराता। अक्तूबर माह में चकराता ब्लॉक के कंधाड़ गांव में पंचायत की बैठक हुई थी। जिसमें शादी समेत अन्य आयोजनों में महिलाओं की ओर से तीन गहने पहनने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद 10 नवंबर को खारसी के ग्रामीणों ने भी सार्वजनिक आयोजनों में महिलाओं के गहने पहनने की सीमा तय की थी। गांव के स्याणा शूरवीर सिंह पंवार ने बताया था कि वर्तमान में सोने के दाम आसमान छूने लगे हैं। ऐसे में हर व्यक्ति गहने नहीं बना पाता है। जौनसार बावर में हमेशा समानता का भाव रखा जाता है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति भी खुद को बेहतर महसूस करेगा।

