सख़्त रुख़: विकासनगर में अतिक्रमण के खिलाफ चला पालिका-एनएच का अभियान, फुटपाथ और सड़क से हटाए गए कब्जे
विकासनगर। नगर क्षेत्र में सड़क और फुटपाथ पर लगातार बढ़ रहे अस्थायी अतिक्रमण के खिलाफ सोमवार को नगर पालिका और राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया। टीम ने बाजार और मुख्य मार्गों का निरीक्षण करते हुए सड़क किनारे तथा फुटपाथ पर किए गए अस्थायी कब्जों को हटाया। कार्रवाई के दौरान तीन फुटपाथों को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। सड़क पर सामान फैलाकर और अन्य तरीके से किए गए अस्थायी अतिक्रमण को भी हटाया गया।
नगर क्षेत्र में अतिक्रमण के कारण लंबे समय से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ ही पैदल राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई स्थानों पर दुकानदारों और अन्य कारोबारियों की ओर से दुकान के बाहर सामान रखे जाने के कारण फुटपाथ पर पैदल चलने की जगह तक नहीं बचती। ऐसे में लोगों को मजबूरन सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। मुख्य मार्गों पर अस्थायी कब्जों के कारण वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है।
सोमवार को नगर पालिका और एनएच की टीम कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची तो अतिक्रमण करने वालों में हलचल मच गई। टीम ने सड़क और फुटपाथ पर रखे सामान को हटवाया और सार्वजनिक रास्तों को खाली कराया। अभियान के दौरान अधिकारियों ने अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी कि सार्वजनिक सड़क, फुटपाथ अथवा सरकारी भूमि पर दोबारा कब्जा करने की कोशिश न की जाए। दोबारा अतिक्रमण पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात भी कही गई।
फुटपाथ पर कब्जे से राहगीरों की बढ़ती परेशानी
विकासनगर के प्रमुख बाजार क्षेत्रों में फुटपाथ राहगीरों के लिए बनाए गए हैं, लेकिन कई स्थानों पर इनका उपयोग दुकानों के सामान रखने अथवा अस्थायी कारोबार के लिए किया जा रहा है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और स्कूली छात्रों को विशेष परेशानी होती है। फुटपाथ खाली नहीं होने के कारण पैदल चलने वाले लोग सड़क पर उतरने को मजबूर होते हैं। व्यस्त मार्गों पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क पर पैदल चलना जोखिम भरा साबित हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई समय-समय पर होती रही है, लेकिन अभियान समाप्त होने के कुछ समय बाद कई स्थानों पर स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। लोगों ने पालिका और संबंधित विभागों से अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ नियमित निगरानी की व्यवस्था करने की मांग की है।
कार्रवाई के बाद भी निगरानी की जरूरत
अतिक्रमण हटाने के बाद मुख्य चुनौती अब खाली कराए गए फुटपाथ और सड़क को दोबारा कब्जे से बचाने की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमित निरीक्षण नहीं किया गया तो कुछ दिनों बाद फिर से दुकानों के आगे सामान फैलने और अस्थायी ढांचे खड़े होने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में अभियान को एक दिन की कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय लगातार जारी रखने की जरूरत है।
नगर पालिका और एनएच की संयुक्त कार्रवाई से फिलहाल कई स्थानों पर राहगीरों और वाहन चालकों को राहत मिली है। हालांकि शहर की अतिक्रमण समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव होगा, जब मुख्य बाजार और सड़क किनारे लगातार निगरानी रखी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो।

